इटारसी | रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 01 पर बुधवार की शाम एक ऐसा मंजर दिखा, जिसे देख वहां मौजूद यात्रियों की सांसें थम गईं। लेकिन आरपीएफ के जवानों की तत्परता और अदम्य साहस ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए 75 वर्षीय वृद्ध महिला को मौत के मुंह से खींच निकाला।घटना 29 अप्रैल की है।
गाड़ी संख्या 20103 अपने निर्धारित समय पर प्लेटफार्म नंबर 01 पर आई। शाम करीब 04:45 बजे जब ट्रेन स्टेशन से रवाना होने लगी, तभी एक वृद्ध महिला परिक्रमावासी, बेटी बाई (75 वर्ष), चलती गाड़ी से उतरने का प्रयास करने लगीं। संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच के खतरनाक गैप में जा गिरीं।जैसे ही महिला गिरी, वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ सहायक उप निरीक्षक प्रकाश बिल्लोरे और महिला आरक्षक प्रज्ञा की नजर उन पर पड़ी। एक पल की भी देरी किए बिना दोनों जवान बिजली की फुर्ती से दौड़ पड़े।
जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल शोर मचाकर ट्रेन को तुरंत रुकवाया, बल्कि अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य यात्रियों की मदद से फंसी हुई महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। “अगर आरपीएफ के जवान एक सेकंड की भी देरी करते, तो शायद परिणाम कुछ और ही होता। उनकी सतर्कता ने आज एक जीवन बचा लिया।
सुरक्षित बाहर निकाली गई महिला यात्री बेटी बाई निवासी- ग्राम मुराछ, जिला नरसिंहपुर को मामूली चोटें आई हैं। आरपीएफ की टीम ने उन्हें तत्काल प्लेटफार्म नंबर 01 पर स्थित क्लीनिक ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया। बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए उन्हें शासकीय चिकित्सालय इटारसी में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल के इन जांबाज जवानों की इस बहादुरी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम कभी न उठाएं।










