इटारसी। नर्मदापुरम की साकेत ग्राम पंचायत ने मानसून के आने से पहले ही जलभराव और मौसमी बीमारियों के खिलाफ युद्धस्तर पर मोर्चा खोल दिया है। पंचायत ने औपचारिकता से दूर हटकर जमीनी स्तर पर एक अनोखा ‘हर रविवार-सफाई अभियान’ शुरू किया है, जो अब आसपास के इलाकों के लिए एक मॉडल बन चुका है।
अभियान के मुख्य स्तंभ
इस जमीनी बदलाव को धरातल पर उतारने में तीन लोगों की टीम मुख्य भूमिका निभा रही है जिसमें सरपंच मृदु लता पटेल के नेतृत्व और सचिव रामाधार मालवीय के प्रबंधन में ग्राम रोजगार सहायक राजेंद्र सोलंकी धरातल पर क्रियान्वयन करा रहे हैं।
क्या है इस मुहिम का मकसद
बीमारियों पर ब्रेक : बारिश के दौरान होने वाले डेंगू, मलेरिया और इन्फेक्शन जैसी गंदगी जनित बीमारियों को रोकना।
स्मूथ ड्रेनेज : हर रविवार नालियों और सार्वजनिक जगहों की गहरी सफाई की जा रही है, ताकि बारिश का पानी कहीं भी न रुके।
दिखने लगा है ‘डोमिनो इफेक्ट’
साकेत पंचायत की इस संडे-मुहिम का असर अब नर्मदापुरम की दूसरी पंचायतों में भी दिखने लगा है। वहां भी मानसून-पूर्व तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बदलाव में ग्रामीणों ने खुद आगे आकर पूरा सहयोग करने का संकल्प लिया है।












