इटारसी। समाजवादी जन परिषद ने तय किया है कि देश की गरीब, दलित, आदिवासी, किसान, मजदूर और आम लोगों के खिलाफ रहने वाली केन्द्र सरकार को चुनावों में देश की सत्ता से उखाड़ फेंकना है। समाजवादी जन परिषद देशभर में सभाओं, संगोष्ठियों और मीडिया में लेखों के माध्यम से जनता को बताएगी कि सरकार ने किस तरह से धोखाधड़ी की है और तरह-तरह के हथकंडे अपना कर याराना पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। इलेक्ट्रारल बांड ही ऐसा घोटाला है जिस देश की सर्वोच्च अदालत ने भी असंवैधानिक और गैर कानूनी घोषित कर दिया है।
समाजवादी जन परिषद की केसला के राज नारायण स्मृति भवन में हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक स्मृति भवन में हुई। बैठक में देश भर के कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित हुए इनमें अध्यक्ष निशा शिवुरकर के साथ महाराष्ट्र से शिवाजी गायकवाड़, दिल्ली से अतुल कुमार उत्तर प्रदेश से शैलेश कुमार, विक्रमा मौर्य, राम केवल चौहान, चौधरी राजेंद्र, अफलातून, मध्य प्रदेश से फागराम, राजेंद्र गढ़वाल, कपिल खंडेलवार, स्मिता, शांति बाई आदि उपस्थित रहे। समाजवादी जन परिषद ने इस लोकसभा के चुनाव में केरल के कोट्टायम संसदीय सीट से चुनाव लडऩे का फैसला किया है, जबकि देशभर में विभिन्न सीटों पर अपने सहमना संगठनों और इंडिया गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाकर उनके पक्ष में मतदान करने का आह्वान किया है। सजप ने विभिन्न मुद्दों पर नीति निर्माण का भी फैसला किया है। इनमें मुख्य रूप से सिविल कानून और कृषि नीति को लेकर अपने दस्तावेजों को तैयार करेगा। इसके लिए अगस्त सितंबर तक राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जाएगी।
इससे पहले 16 जून को लोकसभा चुनाव के आए परिणामों की समीक्षा के लिए एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया जाएगा। सजप ने अपनी इकाइयों को सुझाव दिया है कि वह विभिन्न स्तरों पर संगोष्ठी सभा करें सामयिक वार्ता नामक अपनी पत्रिका का अधिक से अधिक प्रचार करें। चुनाव को लेकर इस बार सामयिक वार्ता का अंक 15 अप्रैल तक आ जाएगा जिसे लेकर विभिन्न क्षेत्रों में जिलों में राज्यों में इसका लोकार्पण करके इसे अधिक से अधिक प्रसारित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता सजप की राष्ट्रीय अध्यक्ष निशा शिवूरकर ने की।











