सत्संग भगवान की सबसे सरल और श्रेष्ठ भक्ति होती है

सत्संग भगवान की सबसे सरल और श्रेष्ठ भक्ति होती है

– विधायक डॉ. शर्मा और नपाध्यक्ष चौरे ने किया व्यासगादी का पूजन

इटारसी। मनुष्य जीवन वही सार्थक है, जो भगवान की भक्ति करता है। अर्थात मनुष्य जीवन एक सुनहरा अवसर हैं। इसका लाभ उठाकर मनुष्य भगवान की भक्ति करें और भवसागर पार जा सकता है। धन, संपत्ति, वैभव, पद, प्रतिष्ठा, परिवार परमात्मा ने जो दिया है उसका अभिमान ना करते हुए सरल रहकर जीवन बिताएं।

उक्त उद्गार वृंदावन गार्डन में जारी संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा के पांचवे दिन कथाव्यास पं अनिल मिश्रा ने व्यक्त किए। गुरुवार को कथा स्थल पर विधायक डॉ सीतासरन शर्मा एवं नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे कथा श्रवण करने पहुचे थे। इस अवसर पर उन्होंने व्यासगादी का पूजन करके महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

विधायक डॉ शर्मा ने कथा के आयोजक सेवन स्टार क्लब के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दी। साथ ही आयोजक जसबीर छाबड़ा की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए सराहना की। कथा में पं मिश्रा ने कहा कि सत्संग भगवान की सबसे सरल और श्रेष्ठ भक्ति होती है। इसी के साथ तारकासुर का वध, अंधकासुर का वध और बाणासुर वध की कथा सुनाई।

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