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मंजर इन दिनों : व्हाय फियर वेन द रियल टायगर इज हियर

मंजर इन दिनों : व्हाय फियर वेन द रियल टायगर इज हियर

– राजधानी से पंकज पटेरिया :
व्हाय फियर वेन द रियल टाय गर इज हियर हिंदी में अनुवाद यह हुआ कि क्यों डरते हो जब सचमच का टायगर (शेर) यहां आपके बीच बैठा है। यह पंक्तियां सूबे के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगरी चुनाव की फतेह के बाद आम जनता के हाल अह वाल जानने 12 नंबर मल्टी परिसर में आमजन के साथ चाय की चुस्की लेते हुए कहीं। इस दौरान लोगों ने सीएम से गुंडों बदमाशों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत करते हुए किसी टाइगर का जिक्र किया। तो बदले तेवर में उन्होंने कहा, कौन है ये टाइगर फायगर असली टाइगर तो आपके बीच बैठा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा डंडा लेकर निकलो और बदमाशों को सबक सिखाओ। यह संदेश पूरे मध्यप्रदेश के लिए है। सरकार होने का क्या मतलब, अभी से सर्च करो जितने ही बदमाश है सब को उठाओ और सही जगह पहुंचाओ। प्रदेश में कोई भी दादागिरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी। जनता को बेहतर शासन देना और सुरक्षा देना हमारी जवाबदारी है। मुख्यमंत्री को रहवासियों ने कई समस्याएं बताई। उन्होंने मंच से ही क्षेत्र में परमानेंट चौकी पुलिस प्रशासन को बनाने के निर्देश दिए। विभिन्न समस्याओं के लिए उन्होंने निराकरण के निर्देश दिए।

टायगर बोतल मे

सीएम सख्त लहजे को  देख राजधानी पुलिस ने तथाकथित टायगर की तलाश में जमीन आसमान एक कर दिया, लेकिन कथित टाइगर नहीं मिला। बाद में यह सच्चाई सामने आई नवदुनिया के पत्रकार प्रवीण मालवीय के एक कॉलम में व्यक्त टिप्पणी अनुसार कि वह टाइगर उस इलाके में बिक रही बाहर से आई अवैध शराब का ब्रांड का नाम टाइगर है। बहरहाल सीएम के रौद्र रूप को देखकर तथाकथित कई टायगारो के दांत और नाखून पुलिस ने तोड़ दिये और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के ठिकानों पर दबिश दी और उनकी नाक में नकेल डाली। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने खुले तौर पर सख्त निर्देश दिए हैं पूरे प्रदेश में अवैध कारोबार और गुंडागर्दी उखाड़ फेंकना है।

होशियार तीसरी आहट

भले आप और एआईएम आईएएम पार्टी की प्रदेश की राजनीति में दस्तक भले हल्की हो लेकिन  सूबे में सिंगरौली में महापौर और कुछ पार्षद ग्वालियर में आप और खंडवा तथा बुरहानपुर में ए आई एम आई एम एम ए अपनी उपस्थिति दर्ज की है। जाहिर है इन्होंने कोई महत्वपूर्ण मौजूदगी दर्ज नहीं की। लेकिन

छोटी सी चिंगारी दावानल बन जाती। लिहाजा सत्तारूढ़ पार्टी को होशियार हो जाना चाहिए और संजीदगी से इस विषय में विमर्श करना चाहिए।

घोड़े ऊंट की टेढ़ी मेड़ी चालों के बीच

राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार विजय चौधरी ने अपने अखबार पत्रिका में आईना कॉलम में चुनावी विश्लेषण की व्याख्या करते बेहतरीन बात लिखी है। उनका कहना है घोड़े ऊंट की टेढ़ी-मेढ़ी चालो के बीच में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। जनता और जनता की थाह लेना आसान नहीं है। उनका कहना है यह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल ही है। यह बात सभी को बखूबी समझना चाहिए।

कान उमठे और जमीन भी दिखाई

जनादेश 2022 अपने कॉलम में मध्य प्रदेश के समूह संपादक वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे ने नगरी निकाय चुनाव नीर क्षीर विवेचन करते हुए लिखा है कि भविष्य की राजनीति के सीधे-सीधे संकेत चुनाव के नतीजों ने दिए। बहरहाल जनादेश को अगर 2023 के प्रकाश में देखा जाए तो दोनों को आत्म निरीक्षण की महती आवश्यकता है।
कुल जमा सारांश यह है कि जनता जनार्दन ने भाजपा के कान ऊंमीठे तो कांग्रेस को भी धरातल बोध करा दिया यानी जमीन दिखा दी। इस सिलसिले में दुष्यंत कुमार जी का यह शेर बड़ा मौजू लगता है सिर्फ शायर देखता है, कहकशो की असलियत हर किसी के पास तो ऐसी नजर होगी नहीं।

अस्तु नर्मदे हर ।

पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
ज्योतिष सलाहकार
9407505691

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