नर्मदापुरम (सोहागपुर)। नर्मदापुरम पुलिस ने सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अजनेरी स्थित राजपूत ढाबा के संचालक की हत्या के मामले का महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामग्रियां बरामद कर ली हैं।
क्या था पूरा मामला?
17 जून 2026 को फरियादी राजू उर्फ राजकुमार पूर्विया निवासी भार्गव मोहल्ला, शोभापुर ने शोभापुर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके 28 वर्षीय भाई सचिन पूर्विया की किसी अज्ञात व्यक्ति ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से दबोचा गया आरोपी
पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सोहागपुर संजू चौहान के पर्यवेक्षण में सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अनुसंधान टीम ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके आधार पर संदिग्ध विवेक गुर्जर उम्र 30 वर्ष, निवासी होलीपुरा, बुधनी, जिला सीहोर को हिरासत में लिया गया।
चरित्र शंका में की थी हत्या
कड़ी पूछताछ में आरोपी विवेक गुर्जर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने चरित्र संबंधी शंका के चलते सचिन की हत्या की योजना बनाई थी। वह सचिन को अपनी बातों में बहला-फुसलाकर ढाबा से मोटरसाइकिल पर बैठाकर पांजरा रोड ग्राम रानी पिपरिया नहर की पुलिया ले गया, जहां उसने सचिन के सिर में गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल, टीवीएस मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के वक्त पहने हुए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
पुलिस टीम की त्वरित सफलता
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उपनिरीक्षक राहुल पटेल, विवेक यादव, शहादत अली, सउनि वरूण सिंह, आरक्षक अंकुश, राममोहन, मनोहर दायमा, नंदकिशोर रजक, अफसर खान, राजकुमार, जोशवा मसीह, नरेन्द्र भदौरिया और साइबर सेल के आरक्षक संदीप व दीपेश की सराहनीय भूमिका रही।











