सिवनी मालवा (नर्मदापुरम)। सिवनी मालवा थाना पुलिस ने क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज लूट की वारदात का महज़ कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घर में घुसकर वृद्ध के साथ मारपीट और लूटपाट करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनका एक अन्य साथी अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी और जेवरात भी बरामद किए हैं।
क्या था मामला?
घटना 6 मई 2026 की रात लगभग 9:30 बजे की है। शिवपुर रोड स्थित वार्ड नंबर 7 निवासी 60 वर्षीय वृद्ध रामभरोस जाट अपने घर पर आराम कर रहे थे। तभी तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाश अचानक घर के अंदर घुस आए। बदमाशों ने वृद्ध को धारदार हथियार दिखाकर डराया, उनके साथ मारपीट की और घर में रखे 10,000 रुपये नकद सहित सोने-चांदी और बेन्टेक्स के आभूषण लेकर फरार हो गए थे। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 312/26 के तहत धारा 331(6), 309(6) BNS में मामला दर्ज किया था।
तकनीकी साक्ष्यों से दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री सांई कृष्णा (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिवनी मालवा सुधाकर बारस्कर ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेही आशीष कटारे और अनिल बाथव उर्फ लूखा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने लूट की वारदात कबूल कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- आशीष कटारे पिता गोवर्धन कटारे, निवासी सिवनी मालवा के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी और मारपीट के 5 मामले दर्ज हैं।
- अनिल बाथव उर्फ लूखा पिता राजेश बाथव निवासी सिवनी मालवा के विरुद्ध पूर्व में 1 अपराध दर्ज है।
फरार आरोपी:
- अनिल बाथव पिता राम बाथव (तलाश जारी)।
मसरूका बरामद और इनाम की घोषणा
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त छुरा, लूटे गए 7,000 रुपये नकद, चांदी के जेवर, बेन्टेक्स के आभूषण और सोने की अंगूठी जब्त कर ली है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 5,000 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर, उपनिरीक्षक नागेश वर्मा, सउनि बलराल सिरसाम, प्र.आर. प्रीतम बाबरिया, प्र.आर. अशोक चौहान, आरक्षक कपिल जाट, केतन, गौरीशंकर, अर्जुन, महिला आरक्षक आरती एवं साइबर सेल के आरक्षक संदीप यदुवंशी व दीपेश सोलंकी की मुख्य भूमिका रही।












