इटारसी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा 22 जनवरी 2025 से 8 मार्च 2025 तक विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। आज शुभारंभ के अवसर पर इटारसी के समस्त वार्डों में प्रभात फेरी निकली गयी एवं जिला स्तरीय कार्यक्रम जिसमें बचाओ बेटी पढ़ाओ पर शपथ ग्रहण, हस्ताक्षर अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इटारसी के विभिन्न शालाओं से छात्र-छात्राओं ने मुस्कान संस्था परिसर इटारसी में प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में बेटियों की स्थिति को मजबूत करना, उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
शुरुआत नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टी प्रतीक राव, सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा, पार्षद एवं सभापति राकेश जाधव, मंजीत कलोसिया, श्रीमती अमृता मनीष ठाकुर, समाजसेवी मनीष ठाकुर ने दीप प्रज्वलन कर शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में बेटियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, ‘बेटियां केवल परिवार का ही नहीं, पूरे समाज का गौरव होती हैं। हमें उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का मौका देना चाहिए।’
नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां
स्कूलों की छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर आधारित नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दीं। इनमें ‘बचपन से उड़ान तक’ और ‘शिक्षा का दीप जलाओ’ जैसे विषयों पर सामूहिक नृत्य जानकी केवट और ग्रुप नालंदा स्कूल की छात्राएं श्रावणी ठाकुर और ग्रुप, शुक्ला एंड ग्रुप इसके साथ ही एकल नृत्य प्रार्थना पाराशर, परी गोस्वामी एवं दृष्टि सराठे ने, इसके साथ ही बाल विवाह निषेध पर सामाजिक नाटक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रस्तुत कीं। किड्स जोन स्कूल के नन्हें बालकों ने भी सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी।
कविता और भाषण प्रतियोगिता
‘बेटी के अधिकार’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का महत्व’ जैसे विषयों पर प्रतियोगिताओं में सुजाता राजपूत ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर भाषण एवं श्रीमती संजावली (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) ने गायन के साथ ही एकल कविता कनिष्का अग्रवाल (नालंदा मॉडल स्कूल) ने प्रस्तुत की।
कला और संस्कृति का प्रदर्शन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत स्थानीय लोकगीत, नृत्य, और कला का प्रदर्शन किया गया। यह प्रस्तुति बेटियों के महत्व को समाज की पारंपरिक दृष्टि से दिखाने का प्रयास थी।
सम्मान समारोह
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले छात्राओं एवं महिलाओं को निर्णायक सुश्री नेहा सोनी नर्मदापुरम एवं श्रीमती अर्चना बस्तवार ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आए छात्र-छात्राओं एवं ग्रुप को पुरस्कार वितरण एवं प्रशस्ति पत्र वितरण किया एवं समस्त प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रभारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने सभी को बेटियों की शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि, ‘यदि हम बेटियों को सशक्त करेंगे, तो हमारा समाज और देश दोनों ही सशक्त बनेंगे।’
महिला एवं बाल विकास अमला पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बस्तवार, श्रीमती पूनम मौर्या, श्रीमती राखी मौर्य, श्रीमती मीना गांठले, पोषण अभियान समन्वय हिना खान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वार्ड की महिलाएं छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया। संचालन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती राधा मालवीय ने किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा गौर, पूजा महन्तवार, वंदना पंडोरिया, अर्चना साहू, रजनी बान, खातून बी, सुनीता मालवीय, उषा आशा एवं अन्य कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का आवश्यक सहयोग रहा।








