श्रावण पूर्णिमा पर बन रहे हैं 3 विशेष शुभ योग जाने
श्रावण पूर्णिमा 2022 कब हैं जाने, विशेष शुभ योग, व्रत और पूजन विधि, महत्‍व, विशेष मंंत्र सम्‍पूर्ण जानकारी 

श्रावण पूर्णिमा पर बन रहे हैं 3 विशेष शुभ योग जाने

श्रावण पूर्णिमा 2022 कब हैं जाने, विशेष शुभ योग, व्रत और पूजन विधि, महत्‍व, विशेष मंंत्र सम्‍पूर्ण जानकारी 

श्रावण पूर्णिमा (Shravan Purnima)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर महीने के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा आती है। इनमें से श्रावण मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता हैं। पूर्णिमा की तिथि को धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्‍यता हैं श्रावण पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्‍थल पर स्‍नान करने, व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा अर्चना से मानव जीवन में सुख-शांति आती हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

श्रावण पूर्णिमा तिथि 2022 (Shravan Purnima Date 2022)

  • श्रावण पूर्णिमा आरंभ : 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 38 मिनट से
  • श्रावण पूर्णिमा तिथि समाप्‍त : 12 अगस्त को सुबह 7 बजकर 05 मिनट पर।

श्रावण पूर्णिमा पर बन रहे हैं 3 शुभ योग (3 Auspicious Yogas Are Being Made on Shravan Purnima)

श्रावण पूर्णिमा

इस वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन 3 विशेष शुभ योग बन रहे हैं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन आयुष्मान योग, रवि योग और सौभाग्य योग का बहुत ही खास योग बन रहा है। यह तीनो योग पूजा-पाठ के लिए बहुत ही शुभ माने जाते हैं।

  • इस दिन रवि योग सुबह 5 बजकर 48 मिनट से सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
  • आयुष्मान योग सुबह से दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।
  • सौभाग्य योग अगले दिन सुबह 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

श्रावण पूर्णिमा महत्व (Shravan Purnima Significance)

श्रावण पूर्णिमा

श्रावण पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण कलाओं के साथ होता हैं। इस दिन सच्‍चे मन से पूजा-अर्चना करने से चंद्रदोष से मुक्ति मिलती है। श्रावणी पूर्णिमा का यह दिन दान, पुण्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई भी व्यक्ति अगर जनेऊ धारण करते हैं तो इस दिन उन्हें अपने मन, वाणी और कर्म को पवित्र रखने का संकल्प लेना चाहिए। और इस संकल्प के साथ ही उन्हें इस दिन अपना धारण किया हुआ जनेऊ बदलकर नया जनेऊ धारण करना चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा कि जाती है। इनके आशीर्वाद से साधक को सुख, शांति, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।

श्रावण पूर्णिमा का रक्षाबंधन से संबंध (Rakshabandhan related to Shravan Purnima)

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर ही रक्षाबंधन या राखी का त्योहार मनाया जाता है इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं, साथ ही उनकी रक्षा का वचन भी देते हैं इस वर्ष  रक्षाबंधन 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा।

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व्रत और पूजा विधि (Fasting and Worship)

श्रावण पूर्णिमा

  • पवित्र नदी में स्नान करके गाय को चारा खिलाना चाहिए और चिंटियों, मछलियों आदि को दाना खिलाना चाहिए।
  • भगवान विष्णु, भगवान शिव सहित अन्या देवी-देवताओं और कुलदेवताओं की पूजा करनी चाहिए।
  • इसके बाद ब्राह्मण से अपने हाथ पर रक्षासूत्र बंधवाना चाहिए।
  • ब्राह्मण को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा देना चाहिए।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावणी पूर्णिमा के दिन गौ-दान का भी विशेष महत्व होता है। अगर आप गौ दान करना चाहते हैं, तो इस दिन को इस कार्य के लिए शुभ माना जाता है।
  • यह दिन भगवान शिव,विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए विशेष दिन होता है भगवान विष्णु-लक्ष्मी के दर्शन से सुख, धन और समृद्धि कि प्राप्ति होती है इस पावन दिन पर भगवान शिव, विष्णु, महालक्ष्मीव हनुमान को रक्षासूत्र अर्पित करना चाहिए।

श्रावण पूर्णिमा पर अमरनाथ यात्रा का समापन (Amarnath Yatra ends on Shravani Purnima)

पुराणों के अनुसार गुरु पूर्णिमा के दिन अमरनाथ की पवित्र यात्रा का शुभारंभ होता है यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा को संपन्न होती हैं कांवडियों द्वारा श्रावण पूर्णिमा के दिन ही शिवलिंग पर जल चढया जाता है जिससे उनकी कांवड़ यात्रा संपन्न होती है इस दिन शिव जी का पूजन होता है और रूई की बत्तियाँ पंचग्वया में डुबाकर भगवान शिव को अर्पित की जाती हैं।

इन मंत्रों का करे जाप (Chant These Mantras)

ॐ जुं स:।

ॐ हौं जूं स:।

ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे,

सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्,

मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

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