श्रीराम विवाह महोत्सव और नि:शुल्क सामूहिक विवाह 28 नवंबर को

श्रीराम विवाह महोत्सव और नि:शुल्क सामूहिक विवाह 28 नवंबर को

श्री द्वारिकाधीश मंदिर से शाम 6 बजे निकलेगी राम बारात

नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने लिया तैयारियों का जायजा

देवल मंंदिर पहुंचकर जयप्रकाश पटेल से मिले नपा अध्यक्ष
इटारसी।
श्री देवल मंदिर पुरानी इटारसी में श्री राम विवाह उत्सव सह नि:शुल्क सामूहिक विवाह उत्सव सोमवार 28 नवंबर को होगा। इस दिन शाम को 6 बजे श्रीराम जी की बारात पुरानी इटारसी के देवल मंदिर जनकपुरी के लिए प्रस्थान करेगी।

तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे देवल मंदिर पहुंचे और यहां रामभक्त जयप्रकाश पटेल व समिति सदस्यों से मुलाकात कर नगर पालिका से संबंधित हर प्रकार की मदद वरिष्ठ पार्षद शिवकिशोर रावत के माध्यम से कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शहर को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने वाले इस आयोजन में वे हर वक्त उपलब्ध रहेंगे।
रात 12 बजे होगा पाणिग्रहण संस्कार
श्री राम विवाह उत्सव सात दिवसीय है। उत्सव में 23 नवम्बर से रामलीला का मंचन, 24 को सुंदरकांड, 25 को अखंड सीताराम कीर्तन, 26 को महिला मंडल द्वारा रामसत्ता, 27 को मंडप आच्छादन और सत्यनारायण कथा है। 28 नवंबर को कन्या भोज का भंडारा, शाम 7 बजे आध्यात्मिक प्रवचन, रात 9 बजे देवी जागरण, रात 10 बजे बारात स्वागत, रात 11 बजे जयमाला, रात 12 बजे पानी पाणिग्रहण संस्कार होंगे। अगले दिन 29 नवंबर को सुबह 7 बजे विदाई समारोह होगा।
आयोजन का 38 वां वर्ष
समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों का खात्मा कर गरीब परिवारों की बेटियों का सामूहिक विवाह पिछले 38 सालों से हो रहा है। पुरानी इटारसी की श्री देवल मंदिर काली समिति द्वारा लगातार श्री राम विवाह एवं निशुल्क सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है। खास बात यह है कि श्री पंचमी की तिथि पर अयोध्या, ओरछा एवं इटारसी में ही एक साथ श्री राम विवाह होता आया है। समिति से जुड़े जयप्रकाश पटेल ने बताया कि अब तक इस आयोजन में करीब 2 हजार से ज्यादा जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। श्री द्वारिकाधीश मंदिर से भगवान राम एवं दूल्हों की ढोल, ढमाकों, घोड़े, हाथियों एवं बग्गी पर सजी बारात निकलती है, जो पुरानी इटारसी जनकपुरी पहुंचती हैं।
मंडप में वर-वधुओं के फेरे होते हैं
यहां सभी वर-वधुओं के फेरे भगवान राम एवं सीता के साथ एक ही मंडप में कराए जाते हैं। इस अनूठे आयोजन में देश भर के अखाड़ों से जुड़े साधु-संत एवं विद्वान शामिल होते हैं। इस परंपरा की शुरूआत महंत पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने कराई थी। पूरे आयोजन की बागडोर जयप्रकाश पटेल एवं युवाओं की टीम संभालती है। हर गांव-शहर के लोग इस आयोजन में सहभागी बनते हैं।
राम बोलो का नारा कोई नेता-पदाधिकारी नहीं
इस समिति की खास बात यह है कि इस आयोजन में कोई भी नेता-पदाधिकारी नहीं, बल्कि श्री राम का सेवक बनकर काम करता है। समिति का एक ही नारा है राम बोलो, बस इसी के सहारे हजारों लोगों की आवभगत, भोजन प्रसादी का इतंजाम, परिवहन सेवा, ढोल-बैंड, शहनाई समेत भव्य सुविधाओं के साथ श्री राम विवाह बंधन में बंधकर माता सीता का वरण करते हैं। समिति सभी जोड़ों को गृहस्थी का सामान, जेवर, कपड़े एवं अन्य सामग्री उपहार में देती है। रामसखियां आयोजन में नृत्य करती हैं।
यहां करें वर-वधु के परिजन आवेदन
अपने पुत्र-पुत्री के विवाह के लिए हिंदू परिवार यहां देवल मंदिर जनकपुरी में काली समिति में संपर्क करें। मोबाइल पर 9617171276, 9009882960, 6264292858, 9993860151 पर संपर्क कर सकते हैं। वर-वधु के पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज 3 फोटो लगेंगी।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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