- ग्राम सोना साबरी में मूर्तिकार को सौंपा गया माता की मूर्ति का पाटा
इटारसी। शारदीय नवरात्रि पर्व की तैयारियां क्षेत्र में अभी से जोर पकडऩे लगी हैं। इसी कड़ी में शहर की प्रतिष्ठित श्री तरुण दुर्गा उत्सव समिति ने अपने भव्य आयोजन के 61वें वर्ष में प्रवेश के साथ ही माता जगदम्बा की स्थापना की तैयारियां विधि-विधान से शुरू कर दी हैं। रविवार, 06 सितंबर 2026 को समिति के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में ग्राम सोना सावरी में मूर्तिकार को मूर्ति निर्माण के लिए पाटा सौंप दिया है।
क्या है पाटा देने की परंपरा?
दुर्गा उत्सव में माता की प्रतिमा के निर्माण की शुरुआत सबसे पहले आधार शिला से होती है। मूर्तिकार को एक मजबूत लकड़ी का आधार (तख्त) दिया जाता है, जिसे स्थानीय बोलचाल में ‘पाटा देना’ कहा जाता है। इसी लकड़ी के पाटे पर मूर्तिकार मिट्टी, पुआल और अन्य सामग्रियों से माता की भव्य और मनोहारी प्रतिमा को आकार देते हैं। पाटा सौंपने की यह प्रक्रिया मूर्ति निर्माण का श्रीगणेश मानी जाती है।
सदस्यों और नागरिकों में अपार उत्साह
अपने 61वें वर्ष में विराजमान होने आ रहीं मां जगदम्बा के आगमन की तैयारियों की शुरुआत से ही श्री तरुण दुर्गा उत्सव समिति के सभी सदस्यों और क्षेत्र के नागरिकों में अपार उत्साह की लहर दौड़ गई है। ग्राम सोना साबरी में मूर्तिकार को पाटा सौंपने के दौरान समिति के सदस्यों ने पूरे जोश और भक्ति-भाव के साथ माता का जयघोष किया।










