- चारों युग, तीनों काल, तीनों लोक में श्रीराम जैसा कोई नहीं
- मंदिर परिसर में संगीतमय श्री रामकथा का समापन दिवस
इटारसी। श्री द्वारिकाधीश बड़ा मंदिर तुलसी चौक में श्री राम जन्मोत्सव समिति के द्वारा 60 वे वर्ष में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव के नवम दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए व्यास पीठ पर श्री श्री 1008 युवराज स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य ने कथा प्रसंग को विस्तार देते हुए कहा कि चहुँ जुग तीनि काल तिहुँ लोका, भए नाम जपि जीव बिसोका। बेद पुरान संत मत एहू, सकल सुकृत फल राम सनेहू। अर्थात केवल कलियुग की ही बात नहीं है, चारों युगों में, तीनों काल में और तीनों लोकों में श्री राम के नाम को जपकर जीव शोकरहित हुए हैं।
वेद, पुराण और संतों का मत यही है कि समस्त पुण्यों का फल राम में या राम नाम में प्रेम होना है। कथा में भगवान श्रीराम जी का जन्म उत्सव मनाया गया। बधाइयां दी गयी, जन्मोत्सव के गीत गाये। युवराज स्वामी जी ने कहा श्रीराम जैसा व्यक्तित्व दूसरा कोई नही है, जिन्होंने मानवीय मूल्यों की ऐसी सीख दी है जो युगों युगों तक संसार स्मरण रखेगा। युवराज स्वामी जी ने कहा कि रावण को परास्त कर, श्री राम माताजानकी, लखनलाल, हनुमान जी और अन्य सहित अयोध्या आ गए। यहां अयोध्या नगरी की शोभा सौंदर्य देखकर जनमानस का मन प्रफुल्लित है। संपूर्ण अयोध्या को श्रीराम जी के आगमन से पुन: दुल्हन के समान सजायी गयी। प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और उन्होंने अयोध्या का कार्यभार संभाला। श्रीराम जी ने सभी को अपने अपने निवास जाने को कहा, तभी हनुमान जी ने प्रभु से निवेदन किया कि वे उनके चरणों मे रहकर ही उनकी सेवा और संसार की रक्षा करेंगे।
समिति के प्रवक्ता भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि गुरुवार की कथा सुबह 9 बजे से 11 बजे तक आयोजित की गयी। कथा में समिति के संरक्षक प्रमोद पगारे, रमेश चांडक,कार्यकारी अध्यक्ष जसवीर सिंह छाबड़ा सहित भागवत गोष्ठी के सतीश बांगड़, सुनील बांगड़, श्रीकांत मोलासरिया, रमेश जाजू इंदौर, शीला जाजू इंदौर, ब्रजबाला बांगड़, मीना शर्मा, आशा हेडा ने महाराज जी का स्वागत किया। श्रीरामनवमी के अवसर पर गुरुवार दोपहर 12 बजे श्री द्वारिकाधीश बड़ा मंदिर परिसर में श्रीराम जन्म मनाया गया। द्वारिकाधीश का श्रीराम के रूप में श्रृंगार किया गया, फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया, रामजन्म की बधाई के रूप में पंजीरी, दही, फल, मिठाई के रूप में प्रसादी का वितरण भी किया गया।










