इटारसी। लद्दाख के चोगलमसर स्थित पवित्र सिंधु नदी के तट पर भारतीय सिंधु सभा के तत्वावधान में ‘सिंधु दर्शन महोत्सव’ धूमधाम से संपन्न हुआ। इस गौरवशाली उत्सव में देशभर से आए 480 तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ और वरुणावतार भगवान झूलेलाल जी के पवित्र बहराणा साहिब की पूजा-अर्चना से हुई। इस विशेष बहराणा साहिब का निर्माण इटारसी मप्र की झूलण सेवा समिति द्वारा किया था।
महोत्सव के मुख्य अतिथि और विशिष्ट जन
मुख्य अतिथि आशीष कुंद्रा मुख्य सचिव, लद्दाख ने सिंधु को भारतीय संस्कृति व गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रमाण बताया। विशिष्ट अतिथि रोमिल सिंह डिप्टी कमिश्नर, लेह रहे। अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. पद्मा गुरमीत निदेशक, राष्ट्रीय सोवा रिगपा संस्थान ने युवाओं से देश की एकता को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
झूलण सेवा समिति की प्रस्तुति
बहराणा साहिब के निर्माण और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने में समिति के संस्थापक गोपाल सिद्धवानी, संरक्षक महेश नंदवानी, अभिनेता व मंच संचालक राहुल चेलानी, और सौरभ शिवनानी ने प्रमुख भूमिका निभाई। समिति के सदस्यों ने सिंधु तट पर आकर्षक डांडिया नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
सांस्कृतिक रंग और राष्ट्रीय पदाधिकारी
उत्सव में लेह के स्थानीय कलाकारों, लेह पुलिस बैंड ने देशभक्ति व लद्दाखी गीत और मध्यप्रदेश सिन्धी साहित्य अकादमी के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राजेश वाधवानी, यात्रा विभाग के राष्ट्रीय संयोजक सुरेन्द्र लछवानी, जितेंद्र हीरानन्दानी, उमेश पुरंदरे, मूलचंद बसन्तानी, नमोश तलरेजा, घनश्याम वाधवा, राजू बालानी, दिनेश दोदानी, दीपक अंशवानी और राज मलकानी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रताप गोपलानी ने सभी का आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन सिंधु तट पर विश्व कल्याण की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।











