भोपाल/इटारसी: मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन (1 जून से 29 अगस्त 2026) के दौरान बारिश का ग्राफ दीर्घावधि औसत (LPA) से 9% कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जहां इस अवधि तक प्रदेश में सामान्य रूप से 762.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 694.5 मिमी वर्षा ही दर्ज हो सकी है।
प्रदेश के अंचल वार आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच बारिश का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। पूर्वी MP में स्थिति लगभग सामान्य के करीब है, जबकि पश्चिमी MP में कई जिले सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं।
अंचल वार बारिश का रिपोर्ट कार्ड
| अंचल | वास्तविक बारिश (Actual) | सामान्य बारिश (Normal) | विचलन (Departure) |
| संपूर्ण मध्य प्रदेश | 694.5 mm | 762.3 mm | -9% |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | 792.7 mm | 834.2 mm | -5% |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | 619.2 mm | 707.1 mm | -12% |
कहाँ झमाझम बारिश, कहाँ तरसे लोग?
सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले (Surplus Districts)
प्रदेश में सबसे अधिक बारिश बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले में दर्ज की गई है, जो सामान्य से 60% अधिक है।
- निवाड़ी: +60% (993.3 mm बनाम 622.2 mm)
- सतना: +33% (985.3 mm)
- भिंड: +32% (633.8 mm)
- सिंगरौली: +23% (821.7 mm)
- बुरहानपुर: +21% (701.5 mm)
2. सबसे कम बारिश वाले जिले (Deficit Districts)
मालवा-निमाड़ और महाकौशल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की कमी दर्ज की गई है। अलीराजपुर और मैहर में सामान्य से आधी ही बारिश हुई है।
- अलीराजपुर: -51% (336.2 mm बनाम 689.0 mm)
- मैहर: -50% (389.7 mm बनाम 772.4 mm)
- पांढुर्णा: -37% (401.6 mm)
- धार: -37% (401.5 mm)
- रतलाम: -34% (496.5 mm)
- नर्मदापुरम: -33% (681.0 mm बनाम 1018.4 mm)
- झाबुआ: -32% (482.2 mm)
प्रमुख शहरों की स्थिति
- भोपाल: राजधानी में मानसून मेहरबान रहा है। यहाँ सामान्य (780.0 mm) की तुलना में 889.4 mm (+14%) बारिश हुई।
- ग्वालियर: अंचल में 601.5 mm (+7%) के साथ स्थिति संतोषजनक है।
- जबलपुर: संभाग में 773.3 mm (-15%) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से कम है।
- इंदौर: मालवा के इस प्रमुख केंद्र में केवल 526.3 mm (-23%) बारिश हुई है, जिससे जल स्रोतों में चिंता बढ़ी है।
- उज्जैन: धार्मिक नगरी में भी 541.1 mm (-24%) के साथ बारिश का आंकड़ा काफी पीछे है।










