इटारसी। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों में पनपने वाले मानसिक तनाव को दूर करने और उनमें जीवन के प्रति सकारात्मकता जगाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। तहसील विधिक सेवा समिति, इटारसी के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर, मालवीयगंज में ‘परीक्षा परिणाम जनित तनाव प्रबंधन एवं जीवन संरक्षण’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अंकों से बड़ी है मेहनत और धैर्य
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती प्राची कौरव ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए तनाव प्रबंधन के बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, जीवन में सफलता केवल अंकों के आधार पर तय नहीं होती। सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सतत प्रयास ही वह चाबी है जो सफलता के द्वार खोलती है। उन्होंने छात्रों को परिणाम के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों की जिज्ञासा और विधिक साक्षरता
जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने न्यायाधीश से अपनी शंकाओं और तनाव से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने धैर्यपूर्वक समाधान किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और जीवन में विधिक साक्षरता के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। विद्यार्थियों ने विधिक विषयों के प्रति अपनी गहरी रुचि दिखाई।
मेधावी छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। न्यायाधीश ने सफल छात्रों को पुरस्कार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि असफलता या कम अंक जीवन का अंत नहीं, बल्कि सुधार का एक अवसर होते हैं।










