इटारसी। महिला एवं बाल विकास परियोजना इटारसी के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आज महीने के पहले मंगलवार को मंगल दिवस के तहत सुपोषण दिवस का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और अभिभावकों को संतुलित आहार, स्वच्छता और कुपोषण की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थों, गर्भावस्था में उचित पोषण, बच्चों के समय पर ऊपरी आहार, एनीमिया खून की कमी की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी व परामर्श दिया गया।
प्रभारी परियोजना अधिकारी ने दी जानकारियां
इसी कड़ी में वार्ड 15 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र 120 में एक विशेष कार्यक्रम में प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने उपस्थित महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा, गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार और आयरन-कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन बेहद जरूरी है। शिशु के जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराएं और छह महीने तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही दें। छह माह पूरे होने के बाद ही पूरक (ऊपरी) आहार की शुरुआत करें। उन्होंने बच्चों के नियमित वजन मापन और पोषण स्तर की निगरानी पर भी जोर दिया।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती मीना गाठले और श्रीमती राखी मौर्य ने भी महिलाओं को पोषण संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके बाद उपस्थित महिलाओं ने अपने दैनिक जीवन में पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा चौरे, श्रीमती अर्चना बस्तवार, सहित वार्ड की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।











