नर्मदापुरम। तमिलनाडु कि किसान आंदोलन के लिए दिल्ली जा रहे हैं, यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने किसानों को नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उतार लिया। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जिला पुलिस बल, आरपीएफ, जीआरपी के जवान इनपुट मिलते ही नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर पहुंच गये थे।
ये किसान जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। अंदेशा था कि ये कावेरी नदी का जल तमिलनाडु को देने की मांग लेकर दिल्ली में आंदोलन कर सकते हैं। नेशनल साउथ इंडियन रिवर इंटरलिंकिंग एसोसिएशन तमिलनाडु के अध्यक्ष अय्याकन्नू अपने साथी किसानों के साथ दिल्ली जा रहे थे। उनके साथ दल में एक दर्जन से अधिक महिलाएं भी हैं।
संगठन के अध्यक्ष अय्याकन्नू ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है और सवाल किया कि उनको किस अपराध के तहत रोका गया है, पुलिस हमें क्यों हिरासत में लेना चाहती है। हालांकि उनके विरोध को दरकिनार करके उनको नर्मदापुरम में उतार लिया है। किसानों ने प्लेटफार्म पर हंगामा कर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन जीटी एक्सप्रेस को शाम 6 बजे पहुंची और आधा घंटे खड़ी रही। यहां पूर्व से ही तैनात पुलिस ने ट्रेन में किसानों को खोजा और उनको रोक लिया।

प्रशासन नहीं मान रहा किसान
मीडिया के सवालों पर सिटी मजिस्ट्रेट ने किसान शब्द से परहेज किया। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर से कुछ यात्रियों को उतारने को कहा गया था। जब उनसे कहा कि उनके पास किसान संगठन के झंडे थे, वे स्वयं को किसान बता रहे थे, तो उन्होंने कहा कि हमें नहीं मालूम ये किसान हैं या नहीं, हमें तो कुछ यात्रियों को उतारने को कहा था।
स्कूल की बस में भरकर ले गये

नर्मदापुरम की एक स्कूल की बस में सभी 65 लोगों को ट्रेन से उतारकर ले गये हैं। बताया जाता है कि उनको किसी मैरिज हॉल में रोका जाएगा। बस में बैठते वक्त भी किसानों ने काफी हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए झंडे लहराये। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में एसपी गुरुकरन सिंह समेत आला अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौजूद रही।








