इटारसी। समीपस्थ ग्राम मेहरा गांव में चल रही तीन दिवसीय नानी बाई को मायरोके दूसरे दिवस सिवनीमालवा से पधारी मानस कोकिला रमा व्यास ने उपस्थित जनसमुदाय को राजा हरिश्चंद्र की कथा का सुंदर चित्रण करते हुए कहा सत्य के मार्ग पर चलते हुए राजा हरिश्चंद्र ने अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया था। लेकिन सत्य के मार्ग को नहीं छोड़ा ऐसे सत्यवादी राजा ना हुए हैं और ना होंगे।
दूसरे प्रसंग में संत तुकाराम की कथा को सुंदर विस्तार देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे संत तुकाराम ने भक्ति भाव के चलते अपना पूरा जीवन भगवान की आराधना में व्यक्त किया और अंत में भगवान को प्राप्त किया। इस दौरान रमा व्यास ने व्यासपीठ से भगवान श्री कृष्ण के धरती पर अवतार लेने की कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा तब किसी न किसी रूप में ब्रह्म को भी इस संसार में अवतरित होना पड़ा और दुष्टों का संहार करते हए उनसे मुक्ति दिलाई। कथा के अंतिम दिन कल नानी बाई के मायरो की सुंदर कथा का वृतांत कथाकार रमा व्यास के द्वारा सुनाया जाएगा। इस दौरान मेहरागांव के राधा कृष्ण मंदिर से एक झांकी निकाली जाएगी जिसमें राधाकृष्ण सहित ग्वाल बाल उपस्थित रहकर झांकी की शोभा बढ़ाएंगे। समापन के दौरान आयोजकों ने क्षेत्र समस्त धर्म प्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की।
सन्त तुकाराम की भक्ति से भगवान को भी आना पड़ा: रमा व्यास

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