शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले की जमानत निरस्त

शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले की जमानत निरस्त

इटारसी। प्रथम अपर सत्र न्यायालय (First Additional Sessions Court) के पीठासीन न्यायाधीश देवेश उपाध्याय (Presiding Judge Devesh Upadhyay) की अदालत ने ग्राम मेहराघाट के निवासी जयराम कीर पिता कृष्ण अवतार कीर की जमानत याचिका अपराध की गंभीरता को देखते हुए निरस्त कर दी है।
आरोपी के ऊपर आरोप था कि उसने 26 अगस्त 2020 को शाम के 5 बजे ग्राम मेहराघाट में राजस्व निरीक्षक दल के साथ गए आरक्षकों पर कुर्सी एवं पत्थर से हमला किया था जिसके कारण से आरक्षक घायल (Guard injured) हुए थे।आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ रेत चोरी का अवैध उत्खनन (Illegal mining) एवं परिवहन करते हुए मौके पर उपस्थित पाया गया था। आरक्षक एवं निरीक्षण दल के प्रभारी की रिपोर्ट पर से आरोपी के विरुद्ध थाना रामपुर गुर्रा में अपराध क्रमांक 46 /20 के तहत धारा 353 332 186 379/34 भारतीय दंड विधान का पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया था आरोपी को 28 सितंबर 2020 को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial magistrate) इटारसी के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।और अपर सत्र न्यायालय में उसकी जमानत याचिका लगाई गई थी जिसे अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया है। इस जमानत याचिका का विरोध वीसी के माध्यम से अपर शासकीय लोक अभियोजक राजीव शुक्ला के द्वारा पैरवी करते हुए किया गया था ।

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