सिवनी मालवा। कहते हैं कि ईश्वर जब अपने भक्तों के प्रेम और आस्था से बंधते हैं, तो स्वयं उनके द्वार तक खिंचे चले आते हैं। कुछ ऐसा ही अलौकिक और भक्तिमय दृश्य रविवार को सिवनी मालवा की पावन धरा पर देखने को मिला, जब कल्लू चौक स्थित ऐतिहासिक श्री सीताराम मंदिर से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई।
रस्सी नहीं, आस्था के धागों से खिंचता रहा प्रभु का रथ
नगर भ्रमण पर निकले प्रभु श्रीराम के दर्शनों के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु—क्या वृद्ध, क्या युवा, महिलाएं और बच्चे—सड़कों पर पलक-पावड़े बिछाए खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ की डोर थामकर प्रभु को नगर का भ्रमण कराया। यह दृश्य महज एक परंपरा नहीं, बल्कि इस बात का जीवंत प्रमाण था कि जब भक्ति और समर्पण एक साथ मिलते हैं, तो पूरा नगर ही राममय हो जाता है।
भजनों की स्वरलहरियों पर झूमा समूचा नगर
मशहूर भजन गायक मुरली मूंदड़ा की सुमधुर स्वरलहरी ने संपूर्ण वातावरण में एक अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी। भजनों की धुन पर भाव-विभोर होकर नाचते-गाते श्रद्धालुओं के उत्साह ने इस आयोजन को एक भव्य उत्सव में बदल दिया। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर प्रभु का भावभीना स्वागत किया और आरती उतारी। जय श्री राम के गगनभेदी जयकारों से दिशाएं गुंजायमान हो उठीं।
नगर भ्रमण के पश्चात महाआरती एवं प्रसाद वितरण
यह पावन रथ यात्रा सीताराम मंदिर से प्रारंभ होकर शीतला माता मंदिर, बड़े मंदिर, नर्मदा मंदिर चौक, गांधी चौक, पाठक चौक एवं राधावल्लभ मंदिर से होते हुए पुन: सीताराम मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के समापन पर भगवान की दिव्य महाआरती उतारी गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। सीताराम मंदिर आयोजन समिति ने इस पावन आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं का सहृदय आभार व्यक्त किया।



























