- एमजीएम कॉलेज में ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ पर व्याख्यान माला
इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ पर एक विशेष व्याख्यान माला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बारीकियों से रूबरू कराया गया।
स्वदेशी तकनीक से आत्मनिर्भर बनेगा भारत: डॉ. मेहता
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने कहा कि तकनीक आज हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित स्वदेशी तकनीकों का विकास ही देश को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर ले जाएगा, जिसमें हमारे वैज्ञानिकों का योगदान अतुलनीय है।
एआई और आधुनिक जीवन पर विशेषज्ञों का मंथन: आरके चोलकर प्राचार्य, शासकीय पॉलीटेक्निक ने मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि विज्ञान जहां ज्ञान का स्रोत है, वहीं प्रौद्योगिकी उस ज्ञान को जन-सुविधा में बदलने का माध्यम है। उन्होंने सेल्फ-ड्राइविंग कारों और दैनिक जीवन में एआई के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला।
श्रीमती अनीता वर्मा व श्री निखिल विजवार: विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को एआई के प्रकार, इसकी कार्यप्रणाली और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह एआई आने वाले समय में वैश्विक परिदृश्य को बदल देगा
निबंध में आस्था, यशस्विनी और कोशर ने मारी बाजी
तकनीकी चर्चा के साथ ही विद्यार्थियों की रचनात्मकता को परखने के लिए श्री रिचर्ड सिंह के संयोजन में एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम स्थान आस्था गोस्वामी, द्वितीय स्थान यशस्विनी चौधरी, तृतीय स्थान कोशर खान का रहा। संचालन गणित विभाग की डॉ. रश्मि तिवारी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने आधुनिक तकनीक के इस सत्र में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।












