- पथरोटा में एक दर्जन गांव के लोगों और महिलाओं ने किया स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन
- लाड़ली बहना योजना को छलावा बताकर ब्याज सहित पैसे वापस लेने का आरोप लगाया
इटारसी। आज स्मार्ट मीटर का विरोध करने एक दर्जन से अधिक गांव की महिलाएं पथरोटा विद्युत सब स्टेशन के सामने पहुंचीं। खास बात यह है कि न सिर्फ इन महिलाओं ने स्मार्ट मीटर का विरोध करके अधिक बिल आने की शिकायत बिजली अधिकारियों से की, बल्कि मध्यप्रदेश सरकार पर भी अपना गुस्सा उतारते हुए कहा कि सरकार लाड़ली बहना के नाम से जो 12 सौ रुपए दे रही है, उसे ब्याज सहित बिजली के बिल के रूप में वापस ले रही है।

आज पथरोटा और आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्राम के लोग स्मार्ट मीटर के खिलाफ आंदोलन करने पहुंचे थे। आंदोलन में सबसे अधिक महिलाएं थीं। ये महिलाएं चक्काजाम की तैयारी से पहुंची थी, लेकिन पथरोटा के थाना प्रभारी संजीव पवान की समझाईश पर चक्काजाम नहीं किया। महिलाओं ने बिजली अधिकारियों की समक्ष स्मार्ट मीटर से होने वाली परेशानी बताई। महिलाओं का कहना है कि अधिकांश ग्रामीण स्मार्ट मीटर की रीडिंग ही नहीं समझ पा रहे हैं।
स्मार्ट मीटर के विरोध में नारेबाजी

स्मार्ट मीटर के विरोध में पहुंची महिलाएं और पुरुषों ने वहां मीटर के विरोध में नारेबाजी की। महिलाओं ने कहा कि देश को स्मार्ट मीटर नहीं स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट टीचर की जरूरत है। बैनरों में लिखा था, यह जनता की है ललकार नहीं सहेगी अत्याचार, भारत को स्मार्ट मीटर की नही भारत को स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट शिक्षा एवं स्मार्ट टीचर की आवश्यकता है।
महिलाओं ने यह भी कहा कि लाड़ली बहनों को साढ़े 12 सौ रुपए देकर उनसे प्रतिमाह अधिक बिजली का बिल देकर सरकार ब्याज सहित वापस ले रही है। आंदोलन करने पहुंचे ग्रामीणों ने पथरोटा बिजली कार्यालय में प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी। एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रबंधक सतीश पटेल को ज्ञापन सौंपा।











