इटारसी। आकाश प्रेमियों के लिए 19 मई और कल 20 मई की शाम एक अद्भुत और विहंगम खगोलीय नजारा देखने को मिलने वाला है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इन दो दिनों में आसमान में ‘अर्थशाइन नाइट्स’ का नजारा दिखेगा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘दा विंची ग्लो’ या ‘अशेन ग्लो’ भी कहा जाता है।
इस दौरान बिना किसी दूरबीन के, खुली आंखों से चांद का एक अनोखा रूप देखा जा सकेगा।
क्या है ‘दा विंची ग्लो’ और कैसे दिखेगा नजारा?
सारिका घारू ने जानकारी दी कि आमतौर पर हमें चंद्रमा का वही हिस्सा दिखाई देता है जिस पर सूर्य की सीधी किरणें पड़ती हैं। लेकिन इन दो दिनों में हंसियाकार (क्रिसेंट) चंद्रमा के समय, सूर्य की किरणें पहले पृथ्वी के बादलों और महासागरों से टकराकर परावर्तित (रिफ्लेक्ट) होंगी और फिर चंद्रमा के अंधेरे हिस्से पर पड़ेंगी। इस अर्थशाइन के कारण चांद का अप्रकाशित (अंधेरे वाला) हिस्सा भी एक धुंधली और खूबसूरत रोशनी के साथ साफ नजर आएगा। इसे देखकर ऐसा प्रतीत होगा मानो चांद ने कोई चमकदार मुकुट पहन रखा हो।
मई के महीने में क्यों खास होती है यह चमक?
विज्ञान प्रसारक सारिका ने बताया कि उत्तरी गोलार्ध में इस मौसम के दौरान पृथ्वी की चमक सबसे ज्यादा होती है। इस समय बर्फ पिघलने और बादलों की अधिकता के कारण धरती सूर्य के प्रकाश को सबसे ज्यादा रिफ्लेक्ट करती है। यही वजह है कि अप्रैल और मई के महीनों में यह अर्थशाइन सबसे साफ और चमकीला दिखाई देता है।
वीनस और जुपिटर के बीच सजेगा चांद
इस खगोलीय घटना का रोमांच तब और बढ़ जाएगा जब आकाश में इस खूबसूरत चांद के साथ सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रह जुपिटर (बृहस्पति) और वीनस (शुक्र) भी नजर आएंगे। चांद इन दोनों चमकीले ग्रहों के बीच सजा हुआ दिखाई देगा।
कैसे और कब देखें?
सारिका घारू के अनुसार, इस अद्भुत और दुर्लभ नजारे को देखने के लिए किसी दूरबीन या टेलिस्कोप की जरूरत नहीं है। इसे सूर्यास्त के ठीक आधे घंटे बाद पश्चिमी दिशा में खुली आंखों से बेहद आसानी से देखा जा सकता है।












