- – 82 वर्ष के बुजुर्ग रेवाशंकर ने अपनी भूमि से कब्जा हटने पर जतायी खुशी
- – न्यायालय के आदेश पर 3 दर्जन लोगों के कब्जे बुजुर्ग की भूमि से हटाए
इटारसी। समीपस्थ ग्राम मेहरागांव के निवासी 82 वर्षीय एक बुजुर्ग को करीब दस वर्ष से अधिक की कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार न्याय मिला और उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। दरअसल, बुजुर्ग की भूमि पर करीब तीन दर्जन लोगों ने थोड़ा-थोड़ा कब्जा करके रखा था। कोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाकर बुजुर्ग को उसकी भूमि वापस दिलायी गयी।
अतिक्रमण हटाने नाला मोहल्ला के वार्ड 25 में पहुंची प्रशासनिक टीम को पहले तो महिलाओं और बच्चों के विरोध का सामना करना पड़ा, महिलाएं और बच्चे जेसीबी मशीन के आगे खड़ी हो गये। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए सख्ती दिखाने की कोशिश की तो विरोध और तेज होने लगा। लेकिन, विरोध के बावजूद आखिरकार प्रशासन ने बुजुर्ग को कब्जा दिलाया। यह कार्रवाई प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन सूर्यपाल सिंह राठौर के आदेश पर की गई। गौरतलब है कि मेहरागांव निवासी रेवा शंकर बड़कुर की जमीन पर 35 लोगों ने कुछ-कुछ हिस्से में कब्जे करके मकान आगे बढ़ा लिए थे।
यह मामला 2014-15 से इटारसी कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने हाल ही में अवैध कब्जेदारों को खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसे लेकर आरआई, पटवारी और पुलिस बल नगर पालिका की जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। अतिक्रमणकारियों का कहना था कि उन्हें नोटिस नहीं मिला। लेकिन न्यायालय की ओर से मौजूद मचकुली वीरेश मेहरा ने बताया कि सभी को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था, यह कार्रवाई वारंट के तहत की गई।
सामान हटाने का सामान मांगा
शहनाज बी, रानी मेहरा और आरती साहू ने घर का सामान हटाने के लिए दो दिन का समय मांगा। पार्षद शुभम गौरे ने भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई रोकने की मांग की। लेकिन, न्यायालय के आदेश पर हो रही कार्रवाई को रोका नहीं गया। टीम ने दिनेश, गुलाबराव, चंगू, सुधा, सालिगराम, रामसिंह, मोतीराम, जया, रमेश, गुलाब, ओमप्रकाश, भोला, कैलाश, सीताबाई, गोकुलप्रसाद, कदीरखा, संध्या, सुंदरलाल, कमल, रसीद शाह, गनेशीबाई, किशोरी और शंकर उइके द्वारा किये कब्जे को हटाया।











