सत्कर्मों का फल परमात्मा पर पूर्ण विश्वास होने से मिलता है

सत्कर्मों का फल परमात्मा पर पूर्ण विश्वास होने से मिलता है

इटारसी। पृथ्वी पर ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसके जीवन में कभी कोई दु:ख, चिंता, परेशानी, संकट, समस्या न आई हो, और ऐसा भी नहीं हो सकता की कभी किसी को कोई परेशानी नहीं आएगी। जब तक जीवन है, कोई मुसीबत आ सकती है। उक्त उद्गार संत भक्त पंडित भगवती प्रसाद तिवारी ने मेहरागांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिवस में व्यक्त किए।

कथा को विस्तार देते हुए श्री तिवारी ने कहा कि परमपिता परमेश्वर की, सच्ची भक्ति, साधना करते रहना चाहिए। भगवान के पास ही सारी समस्या का समाधान मिलता है। सच्चे भक्तों को, अच्छी आत्माओं को जो धर्म, ध्यान, सत्य, प्रेम, करूणा, दया, पवित्रता, नियम, संयम, जप, तप, त्याग, ईमानदारी, धैर्य पूर्वक जीवन करते हैं, आज भी भगवान उनकी सहायता करते ही हैं।

परमात्मा और अपने कर्म पर पूरा विश्वास रखें। राजा परीक्षित जी को श्रीशुकदेवजी ने ध्रुव जी, भक्त प्रहलाद की कथा सुनाकर विश्वास बढ़ाया। सभी सत्कर्मों का फल परमात्मा पर पूर्ण विश्वास होना है। सावधान करने के लिए ही सत्संग होता है। सब कुछ भगवान जी से ही मिलता है लेकिन मनुष्य भूल से उसे अपनी समझ लेता है। संसार में अपना क्या है सत्संग से पता चलता है।

तीसरे दिवस की श्रीमद्भागवत में ध्रुव वंश में राजा अंग के पुत्र वेण एवं राज पृथु के चरित्र, पुरंजन, प्रियव्रत, ॠषभदेव, जड़भरत, अजामिल, भक्त प्रहलाद, नरसिंह अवतार कथा प्रसंग आध्यात्मिक रूप से सुनाया। कल चतुर्थ दिवस में नंदलाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा इस दौरान आयोजक मंडल ने सम्पूर्ण शहर वासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की।

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