- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से भावांतर योजना की 233 करोड़ रुपए राशि वितरित की
इटारसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भावांतर भुगतान योजना के तहत प्रदेशभर के किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि अंतरित की। देवास जिले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1.33 लाख किसानों को लाभान्वित करते हुए कुल 233 करोड़ रुपये की राशि जारी की।
इटारसी में जिला स्तरीय कार्यक्रम
इस अवसर पर नर्मदापुरम जिले के इटारसी कृषि उपज मंडी में भी एक जिला स्तरीय कार्यक्रमका शुभारंभ सामूहिक वंदे मातरम् गायन से हुआ। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, सुश्री राजो मालवीय, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे विधायक प्रतिनिधि देवेन्द्र पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।
वास्तविक मूल्य सुनिश्चित
विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और भावांतर योजना इसका सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शासन जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हरसंभव संबल प्रदान कर रहा है।
क्षतिपूर्ति का माध्यम
सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने भावांतर योजना को महत्वाकांक्षी और किसान हितैषी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अब तक 2900 से अधिक किसानों ने इस योजना के तहत अपनी उपज का विक्रय किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और विक्रय मूल्य के बीच का अंतर मॉडल रेट के आधार पर भुगतान किया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की हानि नहीं होगी।
पारदर्शिता का प्रतीक
सुश्री राजो मालवीय ने कहा कि तय समयसीमा के भीतर भावांतर की राशि का भुगतान यह प्रमाणित करता है कि सरकार किसान हित में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। सिंगल क्लिक से सीधे बैंक खातों में राशि अंतरित करना शासन की पारदर्शी नीति का प्रतीक है।
सफल क्रियान्वयन और पारदर्शिता
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने बताया कि नर्मदापुरम जिले में भावांतर योजना का सफल क्रियान्वयन किया है, जिसमें किसानों द्वारा 51 हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में सोयाबीन का विक्रय किया है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत की जाने वाली प्रक्रियाएं अत्यधिक पारदर्शी बनाई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे किसी भी स्तर पर कोई मध्यस्थ नहीं है। कार्यक्रम में एसडीएम नीलेश शर्मा, उप संचालक कृषि जेआर हेडाऊ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।








