इटारसी। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान भोलेनाथ के भक्त, विशेषकर ‘तिलक सिंदूर’ में भगवान शिव की आराधना करने हजारों की संख्या में पहुंचते हैं। इटारसी के पास सतपुड़ा की वादियों में यह स्थान, सावन में शिव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ बन जाता है, जहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। आज रविवार को भी हजारों भक्त तिलक सिंदूर पहुंचे तो कल श्रावण सोमवार को भी इससे अधिक संख्या में भक्त पहुंचेंगे।
तिलक सिंदूर में सावन का मेला
इटारसी के पास स्थित तिलक सिंदूर, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। सावन के महीने में, विशेष रूप से सोमवार को, यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है। मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान शिव और गणेश जी की कृपा है, और यहां आकर भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। सावन के महीने में, भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा, अभिषेक और जलाभिषेक करते हैं। तिलक सिंदूर में लगने वाला मेला, सावन के महीने में भक्तों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होता है।
तिलक सिंदूर मंदिर में सावन सोमवार का विशेष महत्व है, और इस दौरान भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। भगवान शिव को समर्पित मास में शिव भक्त उनकी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। तिलक सिंदूर मंदिर भगवान शिव का ही एक अनूठा धाम है, इसलिए सावन में यहां भक्तों का तांता लगना स्वाभाविक है।
सावन के महीने में पडऩे वाले सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस दिन व्रत रखने और शिव मंदिरों में दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तिलक सिंदूर मंदिर में भी सावन सोमवार पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।
सिंदूर चढ़ाने की अनूठी परंपरा
इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाया जाता है, जो सामान्यत: अन्य शिव मंदिरों में नहीं होता। सावन सोमवार पर भक्त इसी विशेष परंपरा का पालन करते हुए सिंदूर अर्पित करते हैं, जिससे यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह मान्यता है कि सिंदूर चढ़ाने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व
मंदिर से जुड़ी भस्मासुर की कथा और भगवान शिव के यहां आकर छिपने की मान्यता सावन में इसके महत्व को और बढ़ा देती है। भक्त इस पौराणिक इतिहास को याद करते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने यहां आते हैं।
मनोकामना पूर्ति की मान्यता
लोकमान्यता है कि तिलक सिंदूर मंदिर में सावन के महीने में, विशेषकर सावन सोमवार को सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएं और मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। इसी कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं। सावन सोमवार तिलक सिंदूर मंदिर में धार्मिक उत्साह, अद्वितीय सिंदूर चढ़ाने की परंपरा और मनोकामना पूर्ति की आस्था के कारण अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल और भारी भीड़ देखने को मिलती है।











