नर्मदापुरम। शहर के शांत वातावरण में मंदिरों को निशाना बनाने वाले शातिर चोरों के विरुद्ध पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना देहात नर्मदापुरम पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में हुई सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 21 मार्च की रात, नर्मदापुरम की साईं ग्रीन सिटी स्थित देवी मंदिर, हनुमान मंदिर और शंकर मंदिर में चोरी की एक अप्रिय घटना घटित हुई थी। अज्ञात चोर ने मंदिर की पवित्रता को भंग करते हुए वहां से चांदी का छत्र, पीतल की गदा, पीतल का घंटा और पूजा-पाठ के बर्तन पार कर दिए थे। इस संबंध में फरियादी सुनील पटेल की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस थोटा के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आदमगढ़ पुलिया के पास एक बालक पीतल का घंटा बेचने की फिराक में है। घेराबंदी कर जब संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया सारा सामान बरामद कर लिया है, जिसमें एक बड़ा पीतल का घंटा, तीन पीतल के दीये और तीन छोटी घंटियां, एक पीतल का अगरबत्ती स्टैंड, बरामद किए सामान का कुल वजन लगभग 7 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 10,000 रुपये बताई जा रही है। इस चोरी के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डेय, प्रधान आरक्षक जमना प्रसाद यादव, नवीन दुबे, और आरक्षक चेतन नरवरे, कपिल विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं सुनील साहू की मुख्य भूमिका रही।










