इटारसी। पुलिस ने सराफा मार्केट स्थित तुलसी ज्वेलर्स में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले को मात्र 12 घंटे के भीतर सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के पास से चोरी किए गए पूरे मशरूका को बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
तुलसी ज्वेलर्स के संचालक राकेश अग्रवाल ने 4 मई 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दुकान का मिलान करने पर सोने के मंगलसूत्र के 10 पेंडेंट गायब मिले हैं। गायब हुए इन पेंडेंट की कुल कीमत करीब 13,00,000 (तेरह लाख) रुपये आंकी गई थी। फरियादी और उनके भाई द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी जब पेंडेंट नहीं मिले, तो उन्होंने चोरी की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया।
जांच में खुला राज

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब दुकान का निरीक्षण किया, तो वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। हालांकि, पूछताछ में यह बात सामने आई कि दुकान का एक कर्मचारी, गौरव नामदेव, पिछले 15 दिनों से काम पर नहीं आ रहा था?
पुलिस ने संदेह के आधार पर गौरव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने बीमारी और सामाजिक कार्यक्रमों का बहाना बनाकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन साइबर टीम से मिली जानकारी के आधार पर जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने 17 अप्रैल 2026 को ही पेंडेंट निकाल लिए थे और यह सोचकर दुकान जाना बंद कर दिया था कि हिसाब महीने के अंत में ही होगा।
बरामदगी और पुलिस टीम
पुलिस ने आरोपी गौरव नामदेव निवासी दर्जी मोहल्ला, इटारसी के घर से चोरी किए गए सभी 10 सोने के पेंडेंट बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित कार्रवाई में निरीक्षक गौरव बुंदेला, उनि विपिन पाल, प्र.आर मनमोहन अहिरवार, आरक्षक महेन्द्र गुर्जर, राजकुमार झपाटे, सायबर टीम संदीप और दीपेश की भूमिका रही।










