इटारसी। आईये अपने घर-आंगन, बालकनी के मित्र की चिंता करें। उसके घर को सजाने और भोजन की व्यवस्था करें। इस प्रकार का संदेश विज्ञान- 2047 के डायरेक्टर राजेश पाराशर ने गौरैया दिवस (20 मार्च) के अवसर पर बच्चों को दिया ।
राजेश पाराशर ने कहा कि आज के दिन प्रकृति में संतुलन बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन पक्षियों की सराहना करने के लिये हम समय निकालें, इन छोटे जीवों की घटती संख्या के कारणों को दूर करने का प्रयास करें। गौरैया जैसे छोटे पक्षी भी इकोसिस्टम में संतुलन बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारतीय घरेलू गौरैया का वैज्ञानिक नाम पासर डोमेस्टिकस इंडिकस है।
राजेश पाराशर ने बताया कि सदियों से हमारे जीवन का हिस्सा रहे इन मनमोहक पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये 2010 से नेचर फॉर एवर सोसायटी गौरेया दिवस को मनाने की शुरूआत की गई थी।
राजेश पाराशर ने संदेश दिया कि इनके संरक्षण के लिये आप पक्षीघर बनायें, पौधे लगायें, दाना एवं पानी की व्यवस्था करें। इनके प्रति जागरूकता के लिये पक्षी दर्शन पार्टी करें, बच्चों के लिये आपके मोहल्ले, कॉलोनी में गौरैया के चित्रकला, गीत प्रतियोगिता करें। कार्यक्रम का समन्वयन एमएस नरवरिया ने किया।








