मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में शुरु होंगी ये दो बड़ी परियोजनाएं

मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में शुरु होंगी ये दो बड़ी परियोजनाएं

  • – मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से की मुलाकात
  • – मध्यप्रदेश की दो बड़ी परियोजना के बारे में प्रधानमंत्री को दी जानकारी
  • – परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए भी प्रधानमंत्री को दिया निमंत्रण
  • – आने वाले एक-दो महीना में दो बड़ी परियोजनाओं का होगा भूमि पूजन

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल (Union Jal Shakti Minister CR Patil) से मुलाकात हुई। हमारी, 2 बड़े नदी जोड़ो अभियान जिसमें प्रधानमंत्री की विशेष रूचि है। केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) के टेंडर की स्थिति में है। इसके माध्यम से बुंदेलखंड (Bundelkhand) के 10-15 जिलों को बहुत लाभ मिलेगा। ये हमारा ज्यादा पानी की दरकार वाला क्षेत्र है। इसमें सरकार गंभीरता से आगे बढ़ी है। बहुत जल्द इसके नतीजे मिलेंगे। डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ मैंने प्रत्यक्ष मुलाकात कर, उनको निमंत्रण भी दिया और उन्होंने सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी है। आने वाले 1 या 2 महीने में इसकी तारीख निश्चित करके हम इसका भूमि पूजन भी करेंगे।

हमारा एक और प्रोजेक्ट जो पश्चिम मध्यप्रदेश (West Madhya Pradesh) के लिए बहुत काम का है। जिसमें राजस्थान (Rajasthan) के साथ हमारा टाइअप हुआ है। पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना (Parvati Kali Sindh Chambal Project) पीकेसी योजना के माध्यम से जल शक्ति मंत्रालय में प्रस्ताव है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के साथ जुड़कर लगभग 13 जिलों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा। इसमें हम कोशिश कर रहे हैं कि छोटे-छोटे तीन-चार मुद्दे हैं जिसे राजस्थान सरकार के साथ मिलकर अधिकारी लेवल पर हल करेंगे, मुख्यमंत्री लेवल पर हम इसमें चार बैठक कर चुके हैं।

हम कोशिश करेंगे कि यह बड़ा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बहुत जल्द ही लागू हो, इससे हमारे क्षेत्र के कई जिलों को भी लाभ मिलेगा। मेरी अपनी ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार, राजस्थान-मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) ऐसे सारे विषयों को लेकर लगातार गंभीर है। खासकर, खेती किसानी, न केवल यहां विकास होगा। बल्कि आगे बढ़कर हम टूरिज्म (Tourism), एजुकेशन (Education) जैसे अन्य क्षेत्रों में इसका लाभ मिलेगा।

Royal
CATEGORIES
Share This

AUTHORRohit

error: Content is protected !!