इटारसी। यूरिया के लिए आज एक हजार से अधिक किसान खेड़ा स्थित डीएमओ कार्यालय पहुंचे। किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से आ रहे, लाइन में लगते और वापस चले जाते। आज फिर आए हैं। इस विषय में डीएमओ कार्यालय के संतोष जोहर का कहना है कि आज एक हजार टोकन बांटे और पिछले दिनों के टोकन वाले करीब दो से ढाई सौ किसानों को खाद दी है। आज जिनको टोकन मिले, उनको कब खाद मिलेगी, इस सवाल का वे ठीक जवाब नहीं दे सके। केवल यही कहा कि स्टॉक जैसा रहेगा, उसके अनुसार वितरण होगा।
आज करीब एक हजार किसान धूप में लाइन लगे रहे। कुछ किसानों ने कहा कि वे यहां लाइन में लगने के लिए सुबह 4 बजे घर से निकले थे, ताकि पहले नंबर आ सके। कुछ किसान सुबह 8 बजे तक पहुंचे। यहां उनको केवल टोकन ही मिले हैं, यूरिया कब मिलेगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। किसानों ने कहा कि सरकार को यूरिया की वितरण व्यवस्था सुधारना चाहिए। स्थानीय अधिकारियों को भी इस ओर ध्यान देकर अपनी मौजूदगी में यूरिया का वितरण कराना चाहिए।
न छांव, ना पानी की व्यवस्था

जहां से टोकन वितरण हो रहा है, वहां किसानों को लाइन में खड़े होने के लिए न तो छांव की और ना ही पीने के पानी की कोई व्यवस्ािा है। किसान पानी पीने के लिए यहां-वहां भटकता है और घंटों धूप में खड़े रहकर अपने नंबर का इंतजार करता है। आज भी सुबह से बही लेकर भूखे-प्यासे घंटों लाइन में लगे रहे।
चार दिन से आ रहे, आज उम्मीद

ग्राम तीखड़ से आए किसान योगेन्द्र साहू का कहना था कि वे पिछले चार दिन से रोज आकर लाइन में लग रहे हैं, उनको न तो टोकन मिला और ना ही यूरिया। आज फिर आए हैं और आज उम्मीद है कि टोकन मिल जाएगा। यूरिया कब मिलेगी, इसका फिलहाल पता नहीं है। सरकार को यूरिया वितरण की व्यवस्था सुधारना चाहिए।
बुजुर्ग, बीमार भी लगे लाइन में
ग्राम खटामा के किसान विनोद बारीवा का कहना है कि सुबह से यहां आकर लाइन में लगे हैं। दोपहर हो गयी है, कब नंबर आता है, पता नहीं। लेकिन, व्यवस्था ठीक नहीं है। न छांव है और ना पानी की व्यवस्था यहां बुजुर्ग और बीमार सभी लाइन में लगे हैं, क्योंकि फसल के लिए यूरिया लेने की मजबूरी है।
अगस्त के पहले हफ्ते वालों को नहीं मिली
ग्राम भट्टी के नितिन चौधरी ने कहा कि अगस्त के पहले हफ्ते में जिन लोगों को टोकन मिला था, उनको ही अब तक यूरिया नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि कुछ किसान तो जुलाई के भी हैं, जो यूरिया नहीं ले सके हैं। आज भी सुबह 6 बजे से आए हैं, लेकिन इतनी भीड़ देखकर चिंता है कि यूरिया मिलेगी कि नहीं।
सोसायटी से मिलना चाहिए
डीएमओ में आए ज्यादातर किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार सोसायटी से यूरिया वितरण की व्यवस्था कर दे कि समस्या का काफी हद तक निदान हो सकेगा। मलोथर के श्याम किशोर लौवंशी का कहना है कि यहां के अलावा सोसायटी से वितरण की व्यवस्था हो तो सभी जगह भीड़ कम हो जाएगी।











