प्राकृतिक मास्क: यह है पलाश के पत्तों का बना एन 188 मास्क, जानिए क्या है इसकी खासियत

प्राकृतिक मास्क: यह है पलाश के पत्तों का बना एन 188 मास्क, जानिए क्या है इसकी खासियत

बैतूल। आजकर मास्क ट्रेंडिंग में चल रहा है। कपडे, सूती व मेडिकेटेड मास्क बहुत ट्रेंडिंग में है। लेकिन अब प्राकृतिक मास्क भी आया है। जी हां पुलिस का बनाया हुआ प्राकृतिक मास्क(Natural Masks) जो पलाश(Palash) के पत्तों का एन 188 मास्क है। बैतूल पुलिस कोरोना से अंजान बिना मास्क लगाए शहर की सडको पर बाइक से फर्राटा लगा रहे युवकों को पलाश के पत्तों से बने मास्क पहना रही है। साथ ही पुुलिस ने युवकों को मास्क पहनाकर कसम खिलाई कि अब वे बिना मास्क के अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे।

यह चला रहे अभियान
पुुलिस की महिला सेल और ब्लू गैंग द्वारा चलाया जा रहा है। इस मास्क को एन.188 नाम दिया गया है। पलाश से बने मास्क पर भी एन 188 लिखा गया है। पुलिस के इस नवाचार से मास्क के प्रति लापरवाही दिखाने वाले कई युवकों को शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ा।यह पूरा अभियान डीएसपी संतोष पटेल के नेतृत्व में चलाया गया।

पचास प्राकृतिक मास्क किए तैयार
पुलिस ने पचास प्राकृतिक मास्क तैयार किए हैं। लोगों को मास्क लगाने के प्रति जागरूक करने के लिए प्राकृतिक मास्क तैयार किए गए हैं। कुल पचास मास्क बनाए गए हैं। इनमें पलाश के पत्तों, चिरोल के बंधन और बांस की सींक का इस्तेमाल किया गया है। आज महिला सेल और ब्लू गैंग द्वारा हमलापुर चौक, दिलबहार चौक, कश्मीरा चौक और नेहरू पार्क में बिना मास्क लगाए घूम रहे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की गई। जिसमें पकड़े गए युवकों को प्राकृतिक तौर पर तैयार किए गए पलास के मास्क लगवाए गए। पुलिस का यह नवाचार एक तरह से मास्क नहीं पहनने वालों के लिए सजा के तौर पर देखा जा रहा है।

मास्क नहीं पहने से ही संक्रमण बढ़ा लोगों द्वारा मास्क का इस्तेमाल नहीं करने के कारण ही जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है। जिले में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा दो हजार के करीब जा पहुंचा है। वैसे पुलिस विभाग, महिला सेल और ब्लू गैंग द्वारा मास्क के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के नवाचार भी किए जा रहे हैं। इससे पहले शराब की दुकानों पर भी नवाचार किया गया था।

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