- ऑनलाइन कर जमा करने की सुविधा के लिए किया गया बदलाव
- राजस्व विभाग को अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने निर्देश
- मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने आज बैठक लेकर दिये हैं निर्देश
इटारसी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती ऋतु मेहरा ने आगामी 13 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत के संबंध में राजस्व निरीक्षक और सहायक राजस्व निरीक्षक को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक अदालत में कर वसूली को पूरी गंभीरता से लिया जाए और अधिक से अधिक राजस्व एकत्र किया जाए। इस बार की लोक अदालत में संपत्ति कर की वसूली को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
बकायादारों को किया जाएगा प्रेरित
अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बकाया करदाताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें और उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होकर अपना बकाया जमा करने के लिए प्रेरित करें। यह पहली बार है कि लोक अदालत के माध्यम से टैक्स जमा करने की सुविधा नगर पालिका कार्यालय में ही उपलब्ध होगी। इससे पहले, लोक अदालत के लिए नगर पालिका का काउंटर कोर्ट परिसर में लगाया जाता था।
नई व्यवस्था से मिलेगी सुविधा
सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा के मार्गदर्शन एवं राजस्व निरीक्षक गजेंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में यह नई व्यवस्था की जा रही है, क्योंकि अब टैक्स जमा करने की सुविधा ऑनलाइन हो गई है और कोर्ट परिसर में इंटरनेट व अन्य सुविधाएं जुटाना मुश्किल हो रहा था। इस नई व्यवस्था से करदाताओं को भी आसानी होगी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती ऋतु मेहरा ने आज शाम एक बैठक में राजस्व विभाग के कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से इस कार्य को पूरी ईमानदारी और गंभीरता से करने को कहा है।
करदाताओं के लिए विशेष छूट
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बकाया संपत्ति कर और जलकर के अधिभार (surcharge) पर विशेष छूट दी जाएगी, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। यह छूट सिर्फ एक बार (One Time Settlement) के लिए मान्य होगी।
संपत्ति कर पर छूट
- 50,000 तक के बकाया पर अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट।
- 50,000 से 1,00,000 तक के बकाया पर अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट।
- 1,00,000 से अधिक के बकाया पर अधिभार में 25 प्रतिशत की छूट।
जलकर पर छूट
- 10,000 तक के बकाया पर अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट।
- 10,000 से 50,000 तक के बकाया पर अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट।
- 50,000 से अधिक के बकाया पर अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट।








