इटारसी। रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। नए नियमों के अनुसार, कई अपराधों में आपराधिक मुकदमे की जगह अब सीधे तगड़ा आर्थिक दंड भुगतना होगा।
नए नियमों के तहत प्रमुख जुर्माने
- बिना टिकट/अवैध टिकट यात्रा : तय किराए के अलावा न्यूनतम 500 रुपए का दंड।
- अवैध वेंडिंग/भीख मांगना : धारा 144 के तहत 2,000 रुपए तक का जुर्माना।
- ट्रेन में नशा/हुड़दंग/अश्लीलता : 1,000 रुपए का जुर्माना या सामुदायिक सेवा।
- महिला कोच में पुरुषों का प्रवेश : सीधे 2,500 रुपए तक का दंड।
- आरक्षित कोच में अवैध प्रवेश : 2,000 रुपए और सीट खाली न करने पर 1,000 रुपए।
- नो-स्मोकिंग उल्लंघन (धूम्रपान) : ट्रेनों या परिसर में बीड़ी-सिगरेट पीने पर 2,000 रुपए जुर्माना।
- ज्वलनशील/खतरनाक सामान ले जाना : न्यूनतम 10,000 रुपए का भारी जुर्माना।
रेलवे सुरक्षा बल ने आमजन से अपील की है कि वे रेलवे संपत्ति को अपनी संपत्ति समझें और नियमों का पालन कर कानूनी कार्रवाई से बचें। जुर्माना न भरने या बार-बार अपराध दोहराने पर जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।










