इटारसी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, नगर पालिका परिषद इटारसी ने मेहरागांव नदी किनारे एक सर्वसुविधायुक्त कृत्रिम कुंड का निर्माण शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मूर्तियों के विसर्जन से नदियों में होने वाले प्रदूषण को रोकना और जलीय पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नगर पालिका परिषद इटारसी के अध्यक्ष पंकज चौरे ने इस परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह कुंड विशेष रूप से गणेशोत्सव और दुर्गा पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन के लिए तैयार किया जाता है।
नर्मदा जल से भरा जाएगा कुंड
- इस कृत्रिम कुंड की सबसे खास बात यह होगी कि इसे दो स्रोतों से जल प्रदान किया जाएगा।
- नर्मदा जल: प्रदूषण मुक्त रखने के लिए, कुंड में नर्मदापुरम से नर्मदा नदी का पवित्र जल लाकर भरा जाएगा।
- ट्यूबवेल: पास में स्थित ट्यूबवेल का उपयोग भी जल स्तर बनाए रखने के लिए किया जाएगा।
- श्री चौरे ने बताया कि इस कदम से श्रद्धालुओं की आस्था भी बनी रहेगी और नदी प्रदूषित भी नहीं होगी।
भव्य व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पालिका कई विशेष व्यवस्थाएं करेगी। विसर्जन स्थल तक पहुंचने के लिए अस्थाई रास्तों का निर्माण किया जाएगा। पूरे क्षेत्र को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा, जिससे उत्सव का माहौल बना रहे। बड़ी मूर्तियों को सुरक्षित रूप से विसर्जित करने के लिए कुंड पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था की जाएगी।








