कल महानवमी को सिद्धिदात्री पूजा के साथ व्रत का समापन होगा

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पूजा, पाठ, हवन आरती, कन्या भोजन, भंडारे होंगे

इटारसी। आश्विन शुक्ल पक्ष दुर्गा महानवमी मंगलवार 4 अक्टूबर को रवि, शोभन, कुमार, मानस योग में मां सिद्धि दात्री की पूजा-पाठ, हवन, आरती कन्या भोज भंडारे के साथ शारदीय नवरात्रि व्रत का समापन होगा। मंदिरों, दरबारों, पंडालों, हर घर में भक्ति का माहोल दिखाई देगा। गौधूली में जवारे विसर्जन होंगे। सिर पर जवारे रखकर महिलाएं भजन गाते हुए जलाशय जाएंगी। मां विदाई की सवारी हाथी रहेगी। जी-गौरी की एस-साधना टी-तप का समापन होगा।

मां चामुंडा दरबार भोपाल के पुजारी गुरू पं. रामजीवन दुबे ने बताया कि  मंगलवार होने के कारण श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाकर श्रंगार किया जावेगा। पूजा में सुंदर काण्ड, श्री हनुमान चालीसा का पाठ, आरती, प्रसाद वितरण होगा। कलयुग के साक्षात देवता हैं।

मां सिद्धिदात्री का भोग: मान्यता हैं कि मां सिद्धिदात्री को मौसमी फल, चना, पूड़ी, खीर, नारियल और हलवा अतिप्रिय है। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री को नवमी पर इन चीजों का भोग लगाने से वह प्रसन्न होती हैं।

नवमी के शुभ मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:38 से 05:27 शाम।
  • अभिजित मुहूर्त- 11:46 से 12:33 दोपहर।
  • विजय मुहूर्त- 02:08 से 02:55 दोपहर।
  • गोधूलि मुहूर्त- 05:52 से 06:16 शाम।
  • अमृत काल- 04:52 से 06:22 शाम।

मां को पूजा में मिष्ठान और पांच प्रकार के फलों का भोग लगाएं।

पूजा मंत्र:

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि,
सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।

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