इटारसी। एक सफ़र यानी यात्रा और दूसरा सफर अंग्रेजी का यानी कष्ट। इन दिनों इटारसी से सोनासांवरी, बीसारोड़ा, बम्हनगांव की सड़क पर सफ़र करते वक्त आपको अंग्रेजी का सफर (कष्ट) झेलना पड़ेगा। शहर से देहात की गड्ढों और उधड़ चुकी सड़क पर सफर करना लोगों के लिए कष्टदायक साबित हो रहा है। खस्ताहाल और जगह-जगह उधड़ी सड़कों पर गुजरते वाहनों के झटके लगने से कई लोगों को स्लिप डिस्क (slip disc) यानी कमरदर्द की परेशानी हो रही है। डॉक्टरों की मानें तो इन सड़कों पर ज्यादा सफर करने पर मरीज को बेहद दर्द सहना पड़ सकता है। समस्या बढऩे पर इसका व्यक्ति को लकवा तक भी हो सकता है।
इन सड़कों पर सफ़र करने से पेट और सीने में दर्द की भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वाहन गुजरने पर बड़ी मात्रा में सड़क पर धूल के साथ मिट्टी उडऩे लगी है जिससे वाहन चालक की सेहत पर खराब प्रभाव पड़ रहा है। खस्ताहाल सड़कों पर बाइक चलाने से ग्रामीणों की कमर दुखने लगती है। कभी तो दर्द के कारण नींद नहीं आती है। सबसे अधिक समस्या दुपहिया वाहन चालकों (two wheeler drivers) की है। मामले में मप्र रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के अधिकारी का कहना है कि अभी टेंडर लगे हैं, ओपन नहीं हुए हैं। लेकिन, न्यूनतम रख-रखाव के निर्देश दिये गये हैं।

ऐसी सड़कों पर ये रखे सावधानियां
– गड्ढों भरी सड़क पर वाहन धीमे चलाएं।
– ड्रायविंग ऐसी हो कि वाहन ज्यादा हिचकोले न खाएं।
– कमर और गर्दन में ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर को बताएं।
– हेलमेट लगायें, मुंह पर कपड़ा बांधें, जिससे सुरक्षा रहे
इनका कहना है…
सोनासांवरी-सांवलखेड़ा रोड के लिए हमारे यहां से टेंडर निकाला है। अभी न्यूनतम रख-रखाव के लिए निर्देश हुए हैं। टेंडर अभी ओपन नहीं हुआ है।
प्रवीण निमजे (Praveen Nimje, District Manager MPRDC)








