इटारसी। आदिवासी सेवा समिति तिलक सिंदूर ने होलिका दहन किया। समिति मीडिया प्रभारी विनोद वारिवा ने बताया कि सबसे पहले भगवान भोलेनाथ के दरबार में मेला समाप्त होने के बाद होली जलाई जाती है, इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका दहन होता है।
अपनी परंपरा रीति रिवाज के अनुसार प्रत्येक वर्ष होलिका दहन तिलक सिंदूर प्रांगण में किया जाता है। दहन के दौरान परिक्रमा लगाकर अच्छी कामना रखते हैं। बड़े धूमधाम से ढोलक, टिमकी, मंजीरा, रंग गुलाल डालकर शांतिपूर्वक मनाया जाता है और वारीबा ने निवेदन किया है कि सभी ग्रामीण क्षेत्र के लोग शांतिपूर्वक होली त्योहार मनाएं। किसी प्रकार की लड़ाई झगड़े न करें, इधर रामसत्ता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया।
भजन मंडली एवं किन्नर मंडल भी पहुंचे एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम चांदकिया, माना, तवानगर ग्रुप डांस भी आयोजित किये गये। सभी मंडलों को सम्मानित पुरस्कार दिए। तिलक सिंदूर भूमका पुजारी रामदयाल नागले, जनपद सदस्य सुनील नागले और लाल बाबा, करताल काजले, रामसिंह नागले, नारायण बावरिया, धर्मेंद्र चौहान, संतोष राजपूत, प्रकाश प्रजापति, राज्जू साहू, दीपक सैनी, दुर्गेश धुर्वे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।








