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वाइन शॉप मैनेजर पर जानलेवा हमला: दो आरोपियों को 5 साल की कठोर कारावास की सजा

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तृतीय अपर जिला न्यायालय इटारसी के न्यायाधीश श्री आदित्य रावत जी की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाइन शॉप मैनेजर आयुष शर्मा पर जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपियों साजन भाट और दीपक नायक को 5-5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामले का विवरण और फैसला

  • दोषी करार: न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307/34 (हत्या का प्रयास और सामान्य आशय) के तहत दोषी पाया।
  • सजा: 5 वर्ष का कठोर कारावास।
  • जुर्माना: 1-1 हजार रुपए का जुर्माना।
  • अतिरिक्त सजा: जुर्माना अदा न करने पर दोनों आरोपियों को 6-6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

घटनाक्रम

अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने बताया कि यह घटना 4 अगस्त 2022 की है।

  • रिपोर्ट: फरियादी आयुष शर्मा ने डीएसपीएम अस्पताल इटारसी में देहाती रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
  • हमला: आयुष शर्मा रात सवा दस बजे ठेका वाइन शॉप नंबर 28 से ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे थे। मोक्ष सोनी के घर के सामने भाट मोहल्ले में उन्हें आरोपी साजन भाट, मयंक भाट और दीपक नायक मिले।
  • विवाद का कारण: आरोपी साजन भाट ने आयुष शर्मा से खर्च के लिए 5 हजार रुपयों की मांग की, जिस पर आयुष ने मना कर दिया।
  • हमला: मना करने पर तीनों आरोपियों ने लात-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। जब आयुष भागने लगा, तो मयंक और दीपक नायक ने उसे पकड़ लिया और आरोपी साजन भाट ने खटकेदार चाकू से उस पर हमला कर दिया।
  • चोटें: आयुष को बाईं कमर, पीठ और दाहिने हाथ की कोहनी पर गंभीर चोटें आईं।
  • बचाव: मोक्ष सोनी, अमन जैन, और बाला उर्फ भाला के चिल्ला चोट सुनकर मौके पर पहुंचने और बीच-बचाव करने से आयुष की जान बच सकी।
  • आरोप: फरियादी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने एक राय होकर जान से खत्म करने की नियत से हमला किया था।

अभियोजन पक्ष की पैरवी

इस सेशन केस में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला और भूरे सिंह भदौरिया ने पैरवी की। उन्होंने 9 गवाहों को पेश किया और 29 दस्तावेजी सबूतों को कोर्ट में प्रमाणित कराया।

कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

न्यायालय ने दंड सुनाते हुए टिप्पणी की कि, “दंडिक विधि का यह सर्वोच्च कर्तव्य है कि अपराध की प्रकृति, गंभीरता और जिस तरह से अपराध किया गया है, दंड उसके अनुरूप हो।” कोर्ट ने यह भी कहा कि दंड इतना कम नहीं होना चाहिए कि वह समाज की आत्मा को आघात पहुंचाए, और एक कम दंड किसी भी अपराधी की हिम्मत बढ़ाता है।

आरोपियों की स्थिति

  •  साजन भाट: यह आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में था, और फैसला सुनने के लिए उसे कोर्ट में पेश किया गया था। वह इस मामले में कुल 85 दिन न्यायिक हिरासत में रहा है।
  • दीपक नायक: यह आरोपी पूर्व से जमानत पर था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल नर्मदापुरम भेजा गया है। वह इस मामले में कुल 40 दिन न्यायिक हिरासत में रहा है।
  • समायोजन: दोनों की सजा की अवधि में न्यायिक हिरासत की अवधि को समायोजित किया जाएगा।
  • बरी: इस केस में तीसरे आरोपी मयंक भाट को कोर्ट ने दोष मुक्त करने का आदेश दिया है।
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