इटारसी। ग्राम चांदकिया में प्रूफ रेंज क्षेत्र के 15 गांवों के ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विभिन्न समस्याओं और प्रूफ रेंज विस्तार/विस्थापन को लेकर एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) इटारसी, नीलेश शर्मा और तहसीलदार केसला, हीरूसिंह कुमरे ने अपनी टीम के साथ की।
विस्थापन का मुद्दा रहा केंद्र में
बैठक में प्रूफ रेंज के विस्तार और विस्थापन का मूल ज्वलंत विषय छाया रहा, जिससे क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे पहले से ही विस्थापित हैं और अब वे अपनी खेती, बाड़ी, जल, जंगल, जमीन और जन्मभूमि को नहीं छोडऩा चाहते। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें और कितने बार उजाड़ा जाएगा।
पिछली विस्थापन की समस्या सामने रखीं
- बोरधा निवासी लखन राय ने 1969 के विस्थापन के भूमि संबंधी कागजात दिखाए, जिनमें जमीन के कागज हैं, लेकिन जमीन का पता नहीं है।
- साधपुरा के उपसरपंच रामकृष्ण मालवीय ने बताया कि उन्हें 50 साल पहले पट्टा मिला था, लेकिन प्रूफ रेंज के विस्थापन में उन्हें जमीन नहीं मिली है।
ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि जब तक उन्हें शासन-प्रशासन से लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे विश्वास नहीं करेंगे। फागराम ने घोषणा की कि वे इस संबंध में (प्रूफ रेंज विस्तार के विरोध में) 08 अक्टूबर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसकी एक प्रति प्रशासन को भी दी जाएगी।
अन्य प्रमुख समस्याएं
बैठक की शुरुआत सड़क, बिजली, वन भूमि, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन निर्माण/मरम्मत, मध्यान भोजन वितरण, शासकीय राशन वितरण, चांदकिया लघु जलाशय व नहर निर्माण में जा रही जमीन व मुआवज़ा जैसी छोटी-छोटी समस्याओं से हुई।
ग्रामीणों की महत्वपूर्ण मांगें
- जलाशय और नहरें : पूर्व मण्डी अध्यक्ष सोहन मालवीय ने चिचवानी व सारादेह जलाशय का पानी समय पर छोडऩे और नहरों की सफाई करवाने की मांग की।
- फसल मुआवजा : तारा वरकड़े ने मांग की कि चांदकिया जलाशय में जिन किसानों की भूमि ली गई है, उन्हें फसल बोने से वंचित रहना पड़ा है, इसलिए सरकार उसका हर्जाना दे।
- नल-जल योजना : कपिल खंडेलवार (किसान आदिवासी संगठन) ने अपूर्ण नल-जल योजना को पूर्ण करने और वन विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टाधारियों की भूमि में लगाए पौधों (नर्सरी) को हटाने की मांग की।
- सोसायटी और खाद : दुलेश उईके ने कालाआखर सोसायटी से किसानों का विभाजन कर उन्हें छीतापुरा सोसायटी में जोड़कर खाद उपलब्ध कराने की बात कही। किसानों ने यह भी मांग की कि सोसायटी से नगद बिक्री में खाद दिलवायी जाए।
प्रशासन का रुख
प्रशासन की ओर से, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए पत्रों (जो समय-समय पर केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान इटारसी के प्रमुख अधिकारी के माध्यम से निकाले गए थे) को देखा। उन्होंने कहा कि वे इन समस्याओं से संबंधित विभाग व अधिकारियों से बात करके कार्य में शीघ्रता लाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने आज ही फोन के माध्यम से सीपीई इटारसी से बात की है, और उन्हें इस संबंध में (विस्तार और विस्थापन) पूर्ण जानकारी नहीं है।
एसडीओ राजस्व ने कागजात देखने के बाद माना कि उन्हें और जानकारी जानने और ग्रामीण जनों के साथ अलग से बैठक करने की आवश्यकता है, ताकि उनकी शंकाओं का समाधान हो सके। बैठक में ग्राम पंचायत सरपंच पिपरिया खुर्द, सरपंच मोहन भुसारे, छीतापुरा सरपंच सरवन मर्सकोले, ग्राम पंचायत चांदकिया सरपंच सरवन कासदे, उपसरपंच कोहदा प्रकाश यादव, पूर्व सरपंच साधपुरा गुरुदयाल कलमे सहित कई क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित थे।








