इटारसी। आजकल सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना और उनकी बातों में आकर सरकारी नौकरी के सपने देखना कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक ताजा उदाहरण इटारसी में देखने को मिला है। रेलवे में टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर) की नौकरी लगवाने के नाम पर एक परिवार से 4 लाख 75 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।पुलिस ने इस मामले में इंदौर की एक महिला आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
यह समझना बेहद जरूरी है कि ठग आपको अपने जाल में कैसे फंसाते हैं।
- सोशल मीडिया से शुरुआत : मालवीयगंज, इटारसी के निवासी सुरजीत सिंह लोहिया 62 वर्ष की मुलाकात साल 2024 में सोशल मीडिया के जरिए इंदौर निवासी दीक्षा सिसोदिया पति विकास सिसोदिया से हुई।
- खुद को पहुंच वाली बताना : महिला ने खुद को सरकारी नौकरियों में भर्ती कराने वाली एजेंट के रूप में पेश किया और पीडि़त के बेटे मनप्रीत को रेलवे में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
- किश्तों में वसूली : सबसे पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 50,000 ऐंठे गए।
- फर्जी दस्तावेज और कॉल लेटर : पीडि़त का भरोसा जीतने के लिए आरोपी महिला ने ईमेल पर फर्जी कॉल लेटर भेजा और डाक से भी कुछ दस्तावेज भेजे, ताकि सब कुछ असली लगे। इस तरह झांसा देकर कुल 4,75,000 रुपए हड़प लिए गए।
- टालमटोल और गायब होना : अप्रैल 2024 से फरवरी 2026 तक यानी करीब दो साल तक परिवार को गुमराह किया गया। जब नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस मांगे गए, तो महिला टालमटोल करने लगी।
पुलिस की कार्रवाई, मामला दर्ज
लगातार मिल रहे झूठे आश्वासनों से तंग आकर पीडि़त परिवार ने आखिरकार पुलिस की शरण ली। इटारसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि इस महिला ने नौकरी का झांसा देकर अन्य लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया होगा।
आम जनता के लिए जरूरी अलर्टं
अगर आप या आपके बच्चे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो रेलवे और अन्य विभागों में भर्ती को लेकर हमेशा इन बातों को याद रखें। भारतीय रेलवे में भर्ती पूरी तरह से पारदर्शी, कंप्यूटर आधारित परीक्षा और योग्यता के आधार पर होती है। फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर खुद को अधिकारी या भर्ती कराने वाला बताने वालों पर कभी भरोसा न करें।
ठग अक्सर रेलवे के लोगो का इस्तेमाल कर फर्जी लेटरहेड और फर्जी ईमेल आईडी से कॉल लेटर भेजते हैं। रेलवे के आधिकारिक पत्र हमेशा .gov.in डोमेन वाली आधिकारिक वेबसाइट या ईमेल से ही आते हैं। यदि कोई आपसे नौकरी के नाम पर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल में करें। आपकी थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार की गाढ़ी कमाई को ठगों से बचा सकती है।











