भोपाल। मौसम केंद्र, भोपाल (भारत मौसम विज्ञान विभाग) ने 16 अगस्त 2026 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मध्य प्रदेश में अगले 5 दिनों के लिए भारी से अति भारी बारिश, झंझावात और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
पिछले 24 घंटों के मुख्य आंकड़े
- प्रदेश में सबसे अधिक बारिश उमरिया में 205.2 मिमी और करकेली में 189.8 मिमी दर्ज की गई।
- कटनी, मंडला, दमोह, सागर, टीकमगढ़, और राजगढ़ जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
- उमरिया जिले में अति भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- रीवा (40 किमी/घंटा), जबलपुर, उमरिया, सतना और सागर (35 किमी/घंटा) सहित कई जिलों में तेज झोंकेदार हवाएं चलीं।
- खंडवा को छोड़कर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में वज्रपात और झंझावात की स्थिति बनी रही।
आगामी 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (16 से 20 अगस्त)
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के कारण प्रदेश में आगामी दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
- 16 अगस्त : सतना जिले में कहीं-कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। रायसेन, सीधी, रीवा, शहडोल, डिंडोरी, कटनी सहित कई अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- 17 अगस्त : सीधी और डिंडोरी जिलों में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा सतना, अनूपपुर, शहडोल और जबलपुर सहित 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
- 18 अगस्त : मंडला में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उमरिया और दमोह सहित कई अन्य जिलों में भारी वर्षा और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
- 19 अगस्त : दमोह और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, और सागर सहित कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
- 20 अगस्त : छिंदवाड़ा और सागर जिलों में अति भारी वर्षा का अलर्ट है। विदिशा, रायसेन, राजगढ़, गुना और ग्वालियर सहित कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है।
संभावित प्रभाव एवं आमजन के लिए सुझाव
- लगातार बारिश से निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव या अस्थायी बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
- नदी, नालों और मौसमी जलधाराओं के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, इसलिए इनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- कच्चे और असुरक्षित ढांचों को नुकसान पहुँच सकता है; सुरक्षित और पक्के मकानों में ही आश्रय लें।
- विद्युत व्यवस्था और यातायात में मामूली व्यवधान आ सकता है, यात्रा से पहले योजना बनाएं।
- बिजली चमकने के दौरान जलस्रोतों और कंक्रीट की दीवारों/फर्श से दूर रहें।
किसानों के लिए विशेष सलाह
- भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव तुरंत रोक दें।
- फसलों को जलभराव से बचाने के लिए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
- कटी हुई उपज, बीज और कृषि यंत्रों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- बिजली चमकने की स्थिति में खुले खेतों में काम न करें और तुरंत सुरक्षित आश्रय लें।
- पशुओं को सुरक्षित आश्रय में रखें और खराब मौसम के दौरान उन्हें चराने के लिए बाहर न निकालें।










