T-series : क्‍या हैं इसका मालिक कौन हैं, जाने सम्‍पूर्ण जानकारी
T-series क्‍या हैं इसका मालिक कौन हैं, स्थापना कब और किसने की, टी-सीरीज म्यूजिक लेबल जाने सम्‍पूर्ण जानकारी

T-series : क्‍या हैं इसका मालिक कौन हैं, जाने सम्‍पूर्ण जानकारी

T-series क्‍या हैं इसका मालिक कौन हैं, स्थापना कब और किसने की, टी-सीरीज म्यूजिक लेबल जाने सम्‍पूर्ण जानकारी

टी-सीरीज क्या हैं (What Are T-series)

T-series भारत की एक बहुत बड़ी म्यूजिक, फ़िल्म निर्माता कंपनी हैं T- series अपने रॉकिंग बॉलीवुड संगीत और भारतीय पॉप संगीत, फिल्मों का निर्देशन के लिए जानी जाती हैं। 1980 के दशक में आई इस म्यूजिक कंपनी ने 2014 तक पूरे म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज किया हैं।

म्यूजिक की दुनिया में म्यूजिक में 35% T-series  की हिस्सेदारी हैं। म्यूजिक इंडस्ट्री में T- series सबसे उपर हैं और इसके बाद सोनी म्यूजिक इंडिया और ज़ी म्यूजिक का नाम आता हैं T-series ने केवल म्यूजिक इंडस्ट्री में ही नहीं YouTube जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में भी अपनी एक जगह बनाई हैं।

T-series यूट्यूब की पहली ऐसी म्यूजिक कंपनी हैं जिन्होंने 1 करोड़ सब्सक्राइबर पूरे किये थे वह सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ कर अब 185 मिलियन हो गई हैं। म्यूजिक इंडस्ट्री में तो T-series को भरपूर लाभ हुआ साथ ही इसे फिल्म बनाने व निर्देश करने में भी काफी नाम कमाया हैं।

टी-सीरीज की स्थापना कब और किसने की (When And Who Founded T-Series)

भारत की नंबर 1 म्यूजिक, फ़िल्म निर्माता कंपनी T-series  की शुरूआत 11 जुलाई 1983 में संगीत के दुनिया के बादशाह गुलशन कुमार ने की थी जब उनकी आयु मात्र 37 वर्ष थी। इस कंपनी का शुभांरभ दिल्ली मे किया गया था।

T-series के पहले गाने में लालू राम था और इस गाने को रवीन्द्र जैन गाया था जो वर्ष 1984 में लॉन्च किया गया था फिल्मी दुनिया में T- series ने अपना पहला कदम तुम बिन मूवी से रखा जो उस समय की सुपरहिट फिल्‍म थी।

टी-सीरीज कंपनी का मालिक कौन हैं (Who Is The Owner Of T-series Company)

T-series के मालिक गुलशन कुमार थे, गुलशन कुमार को म्यूजिक का बहुत अधिक शौक था इसलिए उन्होंने म्यूजिक को एक अलग लेवल तक पहुंचाने के लिए खुद की एक म्यूजिक कंपनी खोली। गुलशन कुमार ने T-series के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड के गानों के plagiarized वर्जन बेचना शुरू किया था।

उनकी आवाज इतनी अच्छी थी किन लोगों ने बॉलीवुड के इन रीमेक गानों को भी काफी पसंद किया और कुछ ही दिनों में T-series ने एल्बम सॉन्ग मे  दुनिया में अपना एक अलग ही नाम बना लिया। उसके बाद लोगों को गुलशन कुमार की ये कामयाबी देखी नहीं गयी और कुछ गुंडो ने वर्ष 1977 में उनकी गोलो मारकर हत्‍या कर दी।

इसके बाद उनके बेटे भूषण कुमार ने T-series कंपनी को संभाली और T-series को एक नए मुकाम तक पहुंचाया।

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वर्तमान समय में टी-सीरीज का मालिक कौन हैं (Who is the owner of T-series at present)

वर्तमान समय में भूषण कुमार T-series के मालिक से साथ चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। और उनकी पत्नी दिव्या खोसला कुमार T-series  की मालकिन हैं। दिव्या खोसला कुमार एक अभिनेत्री हैं उन्होंने शादी से पहले कई सारे फिल्मों में काम किया हैं।

दिव्या एक बहुत ही अच्छी फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी हैं इन्होंने कई सारी हिट मूवीज़ जैसे Sanam Re, Yaariyan, Marjaavaan को डायरेक्ट भी किया हैं।

टी-सीरीज किस देश की कंपनी हैं (T-series is a company of which country)

T-series भारत देश की कंपनी हैं। T-series  के फाउंडर गुलशन कुमार जी इंडिया (भारत) के रहने वाले हैं। और उन्होंने इस कंपनी की शुरूआत दिल्ली शहर मे की थी। इसका हेड क्वार्टर नोएडा मे हैं।

टी-सीरीज म्यूजिक लेबल (T-Series Music Label)

गुलशन कुमार ने शुरूआत में Super Cassettes Industries स्थापित कि थी  जो भारत में सर्वोच्च संगीत कंपनी बन गई। उन्होंने इसी संगीत कंपनी का नाम बदलकर टी-सीरीज संगीत लेबल की स्थापना की। आज, टी-सीरीज देश में संगीत और वीडियो का सबसे बड़ा उत्पादक हैं।

टी-सीरीज का मुख्य व्यवसाय फिल्मों, रीमिक्स, पुराने गाने, भक्ति संगीत, नए जमाने के एलबम, आदि के संगीत से सम्बंधित हैं। यह भारतीय संगीत बाजार के लगभग 60% से अधिक हिस्से में फैला हुआ हैं 06 महाद्वीपों के 24 से ज्यादा देशों में संगीत का निर्यात करता हैं। 2500 से अधिक डीलरों के साथ, टी-सीरीज देश का सबसे बड़ा वितरण नेटवर्क हैं।

गुलशन कुमार संगीत व्यवसाय (Gulshan Kumar Music Business)

गुलशन कुमार ने अपने Music के व्यवसाय को शुरूआत मे ‘Super Cassettes Industries’ का नाम दिया था। वर्ष 1970 में उन्होंने सस्ते दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाले संगीत कैसेट बेचना शुरू किया। यह प्रतिष्ठित संगीत कंपनियों द्वारा खराब गुणवत्ता और महंगे ऑडियो टेप के मुकाबले सस्ता और अच्‍छा था।

इसे से उनका व्‍यवसाय बढ़ता गया और आगे जाकर वह ऑडियो कैसेट का निर्याता बन गये। इस शानदार सफलता से गुलशन करोडपति बन गए और संगीत उद्योग के सबसे सफल व्यक्तियों बन गए। संगीत के क्षेत्र में पैर पसारने के बाद उन्होंने अपना रुख हिंदी ‘बॉलीवुड’ फिल्म की ओर किया और मुंबई चले गए।

फिल्म संगीत के साथ-साथ उन्होंने भक्ति संगीत संसार में भी अपनी जोरदार पैठ बना ली इसका भी मूल मंत्र वही था। सस्ते और गुणवत्ता वाले कैसेट उन्होंने हिंदू पौराणिक कथाओं से संबंधित फिल्मों और नाटको का भी प्रोडक्शन किया।

गुलशन कुमार फिल्म (Gulshan Kumar Movie)

फिल्म निर्माण में उन्होंने पहला कदम वर्ष 1989 में ‘लाल दुपट्टा मलमल का नामक फिल्म बनाकर किया। यह प्रेम प्रसंग पर आधारित इस फिल्म का संगीत लोगों को बहुत ही पसंद आया और फिल्म भी हिट हो गयी। वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म आशिकी ने सफलता के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए।

राहुल रॉय और अनु अग्रवाल द्वारा अभिनीत इस फिल्म ने अपने सुरीले संगीत से नयी उचाईयों को छुआ। उनकी अगली कुछ फिल्में जैसे बहार आने तक, जीना तेरी गली में  कुछ ख़ास सफल नहीं रहीं लेकिन इनके संगीत हिट हुऐ। इसके बाद वर्ष 1991 में आमिर खान और पूजा भट्ट अभिनीत दिल हैं की मानता नहीं हिट नहीं रही।

पर इस फिल्म के संगीत हिट रहें इसी के साथ गुलशन कुमार ने फिल्म उद्योग में खुद को संगीत के बादशाह के रूप में स्थापित कर लिया। उनकी कुछ अन्य फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर हिट नहीं रही  जिसमें जीना मरना तेरे संग, आयी मिलन की रात, मीरा का मोहन, आदि शामिल हैं।

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