इटारसी। पुरानी इटारसी के जमानी रोड स्थित मिलन मैरिज गार्डन में आदिवासी समाज द्वारा ‘विश्व आदिवासी दिवस’ का आयोजन अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में समाज की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
हर्षोल्लास से हुआ आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के वरिष्ठजनों और अतिथियों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ किया गया। मिलन मैरिज गार्डन में आयोजित इस समारोह में पुरानी इटारसी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति की झलक और सामाजिक बंधुत्व का माहौल देखने को मिला, जहां लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी परंपराओं को याद किया।
गायक शिवम इरपाचे के लोकगीतों पर थिरके लोग
समारोह का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं, जिसमें ‘ले चल होशंगाबाद’ फेम प्रसिद्ध आदिवासी गायक शिवम इरपाचे ने अपनी जादुई आवाज से समां बांध दिया। उन्होंने एक से बढ़कर एक पारंपरिक और आधुनिक आदिवासी लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर उपस्थित जनसमूह झूमने को मजबूर हो गया। संगीत और ढोल-नगाड़ों की थाप ने पूरे परिसर को भक्ति और आनंद के रंग में सराबोर कर दिया।
विशिष्ट अतिथियों और मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोंडी भाषा की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती उर्मिला कुमरे तथा प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना योना उपस्थित रहीं। मंच पर समाज के वरिष्ठजनों और मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज के इतिहास, साहित्य, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करने पर विशेष जोर दिया
संगठन के पदाधिकारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस सफल आयोजन में आदिवासी समाज संगठन इटारसी की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम का नेतृत्व अध्यक्ष बदामी लाल आहके तथा संरक्षक लखन लाल युवने, अशोक भलावी, रामदास योना और घनश्याम मर्सकोले के मार्गदर्शन में हुआ।व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में उपाध्यक्ष राजू प्रधान, सचिव पवन धुर्वे, कोषाध्यक्ष संतोष राज और मीडिया प्रभारी संजय युवने ने अहम दायित्व निभाया। संचालन पंकज ककोड़िया ने किया। दिलीप धुर्वे, संतोष परते, जयसिंह प्रधान, महेंद्र भल्लवी और सचिन प्रधान का विशेष सहयोग रहा।











