- नौकरी मांगने वाले नहीं, अब देने वाले बनेंगे युवाओं के हाथ
इटारसी। आज के दौर में युवा केवल नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि स्वरोजगार की राह चुनकर दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करें। इसी दूरदर्शी सोच और ‘कुबेर’ (KUBER – Knowing Understanding Business Environment Regularly Initiative) अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, इटारसी में ‘युवा संगम’ रोजगार एवं स्वरोजगार मेले का भव्य आयोजन किया गया। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के दिशा-निर्देशों और डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर की सतर्क मॉनिटरिंग में मेले ने सफलता के नए प्रतिमान स्थापित किए।
नौकरी की जगह उद्यमिता पर जोर

मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने मां सरस्वती के पूजन एवं माल्यार्पण के साथ किया। युवाओं को प्रेरित करते हुए श्री चौरे ने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवाओं को केवल नौकरी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्वयं का स्टार्टअप या स्वरोजगार शुरू कर समाज को रोजगार देने वाला बनना चाहिए। विभागाध्यक्ष विकास सिद्धू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि प्राचार्य आरके चोलकर ने बताया कि यह मेला युवाओं, निजी कंपनियों और शासन को एक मंच पर लाने वाला एक समग्र विकास का प्लेटफॉर्म है।
संवाद से खुला सफलता का द्वार
जिला रोजगार अधिकारी डॉ. श्याम कुमार धुर्वे एवं प्लेसमेंट ऑफिसर धर्मेश तिवारी ने विद्यार्थियों के साथ आमने-सामने संवाद किया। उन्होंने युवाओं को बाजार की जरूरतों और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की बारीक जानकारी दी। इस दौरान युवाओं ने भी अपने नवाचारी विचार साझा किए।
मेले का रिपोर्ट कार्ड : आंकड़ों की जुबानी
- कुल उपस्थिति : मेले में 394 छात्र-छात्राओं ने पंजीयन कराया।
- चयन का उत्सव : कुल 243 युवाओं को लाभान्वित किया, जिनमें से 237 छात्र-छात्राओं का प्राथमिक चयन विभिन्न कंपनियों ने किया।
- आत्मनिर्भरता की ओर कदम : स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 6 हितग्राहियों को मुख्य अतिथि ने ऋण वितरण कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का संबल दिया गया।
- सहभागिता : मेले में 30 निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां और स्वरोजगार से जुड़े 9 सरकारी विभाग मौजूद रहे।
सफलता के पीछे की टीम
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने अपनी आहुति दी। कार्यक्रम का संचालन पल्लवी शर्मा और शिवांगी मालवीय ने किया। पंजीकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शैलेन्द्र सिंह राजपूत एवं हरिओम नरवरे ने संभाली। मेले की भव्यता के लिए फ्लेक्स निर्माण में प्रवेश चौरे एवं आशीष चौरे का विशेष योगदान रहा।
साथ ही, मेले की व्यवस्थाओं और समन्वय में प्रबल गौर, निखिल विजयवार, सोनिया अग्रवाल, इति महालहा, हेमलता शुक्ला, अनीता वर्मा, नेहा केदारे, लखन लाल कोरी, अंकित मिश्रा और नीलेश गौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस मेले ने न केवल युवाओं को रोजगार दिया, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास का नया संचार भी किया है।











