कमिश्नर के निर्देश पर बनी कार्य योजना
आदिवासी स्कूलों के शिक्षक ही पढाएंगे बच्चों को
होशंगाबाद। वो दिन दूर नही होगा जब होशंगाबाद के आदिवासी अंचल के छात्र-छात्राओ का चयन आई.आई.टी, एम्स, एन.डी.ए. (नीट) मेडीकल कालेज, जेईई, एन.आई.टी जैसे कोर्स में होगा और यह बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा को पास कर इन कोर्स में दाखिला ले सकेंगे यह सब संभव होगा नर्मदापुरम् संभाग के कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव के एक प्रयास से। कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि होशंगाबाद जिले में आदिवासी विकास विभाग के द्वारा संचालित स्कूलो में अध्ययनरत बच्चो में प्रतिभा की कोई कमी नही है वही इन स्कूलो में पढाने वाले शिक्षक भी योग्य है। आवश्यकता सिर्फ इस बात की है कि बच्चो को एक अवसर दिया जाए उन्हें मानसिक रूप से तैयार किया जाए उनके लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओ में शामिल होने के लिए संसाधन व अवसर जुटाएं जाए। इसी लक्ष्य को लेकर नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में आदिवासी विकास विभाग के द्वारा संचालित स्कूलो के प्राचार्य व व्याख्याताओ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमिश्नर के मार्गदर्शन में कार्ययोजना बनाई गई। कमिश्नर ने बताया कि कार्ययोजना मं सबसे पहले विषयवार शिक्षको की जैसे गणित, जीव विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, अंग्रेजी के व्याख्याताओ की काउंसिलिंग की जाएगी। उन्हें आदिवासी स्कूलो के विधार्थियो को स्वप्रेरणा से पढाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा 10वीं एवं 12वी कक्षा में अध्ययनरत बच्चो का भी टेस्ट लिया जाएगा। इसके लिए उच्चतम स्कोर निर्धारित किया जाएगा जो विधार्थी इन टेस्टो को अच्छे नम्बर से उत्तीर्ण कर लेगा उसका चयन किया जाएगा। उन विधार्थीयो के लिए एक संस्था का चयन किया जाएगा जहां बच्चे रहे। प्रयास किया जाएगा कि संस्था जिला मुख्यालय के नजदीक ही रहे। उस संस्था में गणित, भौतिकी, विज्ञान, रसायन शास्त्र व अंग्रेजी के व्याख्यता विधार्थीयो को पढाएगे। कमिश्नर ने बताया कि चयनित बच्चो को सी.बी.एस.सी. के पेटर्न पर ही पढाया जाएगा और एक विषय के लिए एक ही शिक्षक रखे जाएगे यदि कोई विशेष टॉपिक हुआ तो अन्य व्याख्याता बुलाए जाएगे इसमें बच्चो के शैक्षणिक योग्यता से संबंधित कायटेरिया फीक्स कर दिया जाएगा। बच्चो का साइको मेट्रिक्स टेस्ट भी लिया जाएगा। जिससे यह पता चलेगा कि बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए मानसिक रूप से कितने तैयार है। कमिश्नर ने बताया कि यह दुखद है कि आदिवासी अंचल के बच्चो का सिलेक्शन उच्च कोर्स में नही हो पा रहा है। लेकिन उन्होने कहा कि हम सब यह प्रयास कर इस परिपाटी को बदलेंगे। बैठक में कमिश्नर ने आदिवासी विकास विभाग के संयुक्त संचालक जे.पी. यादव को शैक्षणिक केलेण्डर तैयार करने के निर्देश दिए और सभी स्कूलो में एक अच्छी लायब्रोरी व विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश दिए साथ ही उन्होने प्रत्येक विधार्थियो के लायब्रोरी कार्ड बनाने एवं बच्चो के सतत मूल्यांकन करते रहने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि सभी मनुष्यो की शक्तियां लक्ष्य पर निर्भर करती है, यदि छात्र व शिक्षको ने यह लक्ष्य तय कर लिया तो रास्ते अपने आप खुल जाएगें।
अब आदिवासी स्कूलों के विद्यार्थियो का चयन होगा जेईई व एम्स में
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