Category: Editorial / Special

कहीं हमारा नाता प्रकृति से दूर तो नहीं होता जा रहा?

Manjuraj Thakur- 17/06/2021

- बाबूलाल दाहिया (पद्मश्री) : यदि विकसित मनुष्य की उत्पत्ति एक करोड़ वर्ष मानी जाये तो वह 99 लाख 90 हजार वर्ष वह बिना खेती ... Read More

विशेष : सोयाबीन या सत्यानासी भस्मासुर?

Manjuraj Thakur- 15/06/2021

- बाबूलाल दाहिया : लोक का अपना अलग ही रंग ढंग होता है। कोई भी विदेशी वस्तु आये तो उसका वहां का नाम भले ही ... Read More

झरोखा: काल पात्र की कल कल, फिर नदी बन बही

Poonam Soni- 15/06/2021

पंकज पटेरिया। अतीत यानी कल के गर्भ में दफन टाइम कैप्सूल जिसे हिंदी में काल पात्र कहते है, की कल कल आज की सतह पर ... Read More

जैविक अनाज व सब्जी बिक्री का अभिनव प्रयोग

Poonam Soni- 13/06/2021

विषमुक्त खानपान आज की महती जरूरत यूं तो इटारसी एशिया का सबसे बड़ा जंक्शन के रूप में विख्यात है, जहां से हर दिशाओं की गाडिय़ां ... Read More

आईना भी खुशी से भर उठता है, सच तुम कितनी सुंदर हो

Poonam Soni- 07/06/2021

झरोखा: पंकज पटेरियाl गुजरे दिनों कोरोना के क्रूर दौर में डर, आशंका से बुझे मन तनाव भरे चेहरे, गुम हुई हंसी-खुशी, चहल-पहल, सन्नाटा, गांव शहर ... Read More

विश्व पर्यावरण दिवस : अब दरख़्त नहीं, दरकती सांसें बचाओ

Manjuraj Thakur- 05/06/2021

वृक्ष होंगे नष्ट्र तो सांस को होगा कष्ट - रोहित नागे : यदि हम कहें कि आप दरख़्त (पेड़) बचाओ या यूं कहें कि जीवन ... Read More

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष: वर्तमान पत्रकारिता पर हो सार्थक चिन्तन

Poonam Soni- 31/05/2021

सोशल मीडिया पर उठे ज्वलन्त मुद्दों से अपनी ताकत बढ़ा सकता है प्रिंट मीडिया भी प्रसंग-वश: चंद्रकांत अग्रवाल। सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सैंकेड ... Read More

आरोप प्रत्यारोप के तीर तरकश में रखिए, उम्मीद का दामन थामे रखिए…।

Poonam Soni- 25/05/2021

झरोखा: पंकज पटेरिया/ यह सच है कि क्रूर कोरोना के दहशतजदा दर्दभीगे माहौल में आज हम बेहद तकलीफदेह अहसास से गुजर रहे हैं। सब तरफ ... Read More

झरोखा: जिंदगी भोर है, सूरज की तरह निकलिए

Poonam Soni- 17/05/2021

पंकज पटेरिया। बात उन दिनों की जब देश के प्रधानमंत्री श्री एच डी देवगौड़ा थे। एमपी के वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर जी ने ... Read More

झरोखा: तू जिंदा है जिंदगी की जीत पर यकीन कर

Poonam Soni- 10/05/2021

पंकज पटेरिया। हम जिंदा है हमे जिंदगी की जीत पर यकीन है। यह पुख्ता अहसास ही हमारी जीत है। (more…) Read More

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