इटारसी। दस्तावेजों की कूट रचना कर विद्यार्थियों को फर्जी एडमिशन देने के मामले में इटारसी आईटीआई के चार प्रशिक्षक बीसी पाटिल, राजेश चतुर्वेदी, राजेश सराठे एवं महेश विश्वकर्मा को धारा 420, 467 भादवि के आरोप से न्यायाधीश श्रीमती मीनल श्रीवास्तव इटारसी द्वारा दोष मुक्त किये जाने का निर्णय पारित किया गया। आरोपियों की ओर से न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शर्मा, संजय शर्मा एवं आरके तिवारी द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण में खास बात यह है कि अभियोजन की ओर से आरोपों के पक्ष में एक भी दस्तावेज सिद्ध नहीं किए जा सके हैं।
ये था मामला
स्टेट बोर्ड आफ एक्जामिनेशन संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण जबलपुर की ओर से धारा 467/420 भादवि का प्रकरण दर्ज कराया था। जिसमें आरोप थे कि वर्ष 1993-94 में प्रशिक्षणार्थी राधेश्याम चंद्राकर, दीपक स्थापक, महेश प्रसाद, आनंद गालर, अजय चौधरी, दयाशंकर पवार, दिलीप कुमार मालवीय, अनिल गडरिया, विनय कुमार वर्मा च अभिनेष चौधरी को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में प्रवेश नहीं दिया गया था। भर्ती रजिस्टर व काशनमनी रजिस्टर में उक्त प्रशिक्षणार्थियों के नाम दर्ज नहीं हैं। प्रवेश की सूचना हेतु रजिस्टर के अनुसार भी उक्त व्यक्तियों को संस्था में प्रवेश लेने की सूचना नहीं दी गई। विद्युतकार व्यवसाय में राधेश्याम व दीपक स्थापक को गलत रूप से हाजिरी रजिस्टर में प्रवेश देना बताया गया है। बीसी पाटिल प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा इन दोनों को जाली प्रवेश पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। ड्राप्समेन सिविल में महेश प्रसाद, आनंद गालर, अजय चौधरी, दयाशंकर के नाम आरके सराठे, आरसी चतुर्वेदी ने रजिस्टर में लिखकर फर्जी इंद्राज किया एवं परीक्षा में शामिल कराया जबकि इन व्यक्तियों ने भी संस्था में प्रवेश नहीं लिया था।
इसी प्रकार आरएंडटीवी व्यवसाय मेें दिलीप कुमार मालवीय, अनिल गडरिया, विनय वर्मा, व अभिनेश चौधरी के नाम अगस्त 94 से हाजिरी रजिस्टर में लिखकर एमपी विश्वकर्मा ने फर्जी प्रविष्ठियां की हैं। अमित कुमार ने आरटीवी में प्रवेश लिया था, लेकिन नियमित प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया। अत: वह राष्ट्रीय व्यावसायिक परीक्षा में सम्मिलित होने के योग्य नहीं था। लेकिन संस्था के तत्कालीन प्राचार्य टीसी सोनी एवं प्रशिक्षण अधिकारी एमपी विश्वकर्मा ने इस परीक्षा में अमित कुमार को सम्मिलित कराके अनुचित लाभ पहुंचाया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था इटारसी के तत्कालीन प्राचार्य टीसी सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण अधिकारी वीसी पाटिल, आरके सराठे, आरसी चतुर्वेदी, एमपी विश्वकर्मा को फर्जी दस्तावेज तैयार करने हेतु दुष्प्रेरित किया।








