मीडिया से बोले पचौरी
इटासी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ईश्वर रेस्टॉरेंट में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। किसानों की बदहाल पर बोले कि भारत में 70 फीसदी लोग कृषि से जुड़े हैं। किसानों की बात आती है तो वे स्वयं किसान बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के वक्त किसानों से कर्जमाफी और लागत मूल्य पर पचास फीसदी अधिक समर्थन मूल्य देने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद इन वादों को पूरा नहीं किया, यह किसानों से धोखा है। मंदसौर कांड का जिक्र करते हुए पचौरी ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे जिन पर गोलियां चलायी और छह किसानों की दर्दनाक मौत हो गयी। किसानों की आत्महत्या का सिलसिला जारी है। उन्होंने बताया कि मंडी में उन्होंने किसानों की परेशानी जानी है। हालात दर्दनाक हैं, मूंग की ग्रेडिंग के नाम पर किसानों को परेशान कर रहे हैं। सेवा सहकारी समिति, नाफेड और दलालों के बीच सांठगांठ है। यहां तुवर की खरीद बंद है, अच्छा माल भी रिजेक्ट कर रहे हैं। मंडी में दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ रहा है, कैंटीन बंद है, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। किसानों से दुव्र्यवहार हो रहा है।
जीएसटी पर बोले कि हम इसके समर्थन में हैं, लेकिन कुछ प्रावधानों में बदलाव के साथ। पचौरी ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण को किसानों से छलावा बताया। खेती को लाभ का धंधा बनाने के मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह नौजवानों से कह रहे हैं कि खेती में मुनाफा नहीं है, किसान पुत्र खेती छोड़कर उद्योग धंधे करें। भाजपा किसानों की जमीन हड़पकर उद्योगपतियों को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कभी सोयाबीन स्टेट हुआ करता था, लेकिन समय पर समर्थन मूल्य तय नहीं होने, नकली बीज और नुकसान का सही मुआवजा नहीं मिलने से किसानों ने फसल लेना बंद कर दिया। पूर्व मंत्री ने रेत के अवैध खनन पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा की लूट जोरों पर है और भाजपा का खुला संरक्षण है। वन क्षेत्र में लकड़ी की अवैध कटाई चल रही है, स्वयं शिवराज सिंह के क्षेत्र में जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।
कांग्रेस की विरासत है किसानों का साथ देना
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